Strait of Hormuz: ओमान और ईरान ने बनाया नया समुद्री रास्ता, आने-जाने के लिए बदले नियम

होरमुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz में समुद्री यातायात को आसान बनाने के लिए Iran और Oman ने एक नया समझौता किया है। 5 अगस्त 2026 को सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, दोनों देशों ने एक अस्थायी नौवहन मार्ग यानी नेविगेशन रूट के लिए नए भौगोलिक कोऑर्डिनेट्स तय किए हैं। यह व्यवस्था शुरुआती तौर पर 60 दिनों के लिए लागू होगी और जरूरत पड़ने पर इसे चार महीने तक बढ़ाया जा सकता है। यह कदम खाड़ी देशों के जरिए होने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
समझौते की खास बातें और सुरक्षा व्यवस्था
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने जानकारी दी है कि इस 'मिडल कॉरिडोर' समझौते को जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में सुरक्षा जोखिमों का मुख्य कारण US का हस्तक्षेप है और केवल इस द्विपक्षीय समझौते से सुरक्षा की पूरी गारंटी नहीं दी जा सकती। प्रस्तावित योजना के तहत, ईरान आने वाले जहाजों के लिए ईरानी जल क्षेत्र में उत्तरी लेन का उपयोग किया जाएगा, जबकि बाहर जाने वाले जहाजों के लिए ओमान के जल क्षेत्र से दक्षिणी लेन तय की गई है। इस पूरी प्रक्रिया का समन्वय Iran द्वारा किया जाएगा।
सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए, इस योजना में अगले 30 दिनों के भीतर मुख्य शिपिंग लेन से समुद्री खदानों (naval mines) को हटाने का प्रावधान भी शामिल है। यह काम समुद्री सुरक्षा और जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए बहुत जरूरी है।
अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का असर
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump, विदेश मंत्री Marco Rubio और ट्रेजरी सेक्रेटरी Scott Bessent ने भी संकेत दिए हैं कि होरमुज जलडमरूमध्य को फिर से पूरी तरह खोलने के लिए कोई समझौता जल्द ही हो सकता है। ऐतिहासिक रूप से United States इस बात का विरोध करता रहा है कि इस जलमार्ग का नियंत्रण ईरान के हाथों में हो, लेकिन अब चर्चा वाशिंगटन और तेहरान के बीच युद्धविराम कायम करने और परमाणु कार्यक्रम पर आगे बात करने के इर्द-गिर्द घूम रही है।
फिलहाल, इस अस्थायी व्यवस्था में किसी टोल टैक्स की बात नहीं है, हालांकि सुरक्षा और पर्यावरण की देखभाल के लिए कुछ सर्विस फीस ली जा सकती है। इस संभावित राजस्व को Iran और Oman आपस में साझा करेंगे। इस पूरी बातचीत और दस्तावेजों के आदान-प्रदान में Pakistan और Qatar बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। यह समझौता उन लाखों लोगों और प्रवासियों के लिए भी महत्वपूर्ण है जो खाड़ी देशों में काम करते हैं, क्योंकि इस मार्ग के जरिए तेल और जरूरी वस्तुओं की सप्लाई प्रभावित नहीं होगी, जिससे स्थानीय बाजार और अर्थव्यवस्था में स्थिरता बनी रहेगी।