ईरान और ओमान अब मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के कामकाज और समुद्री सेवाओं को संभालने की तैयारी कर रहे हैं। दोनों देशों के बड़े नेताओं ने इस बारे में बातचीत की है ताकि इस रणनीतिक रास्ते पर जहाजों की आवाजाही को बेहतर बनाया जा सके। हालांकि, इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से पैसे लेने या टोल वसूलने के मुद्दे पर अभी भी दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं।

बड़े नेताओं की मुलाकात और साझा फैसला

22 जून 2026 को ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बागर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची ओमान पहुंचे थे। वहां उन्होंने ओमान के अधिकारियों के साथ लंबी बातचीत की। 23 जून को मस्कट में हुई इन मुलाकातों के बाद एक साझा बयान जारी किया गया। इस बैठक में अब्बास अराघची ने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल सईद से भी मुलाकात की।

दोनों देशों ने तय किया है कि वे एक जॉइंट वर्किंग ग्रुप (Joint Working Group) बनाएंगे। यह ग्रुप तय करेगा कि भविष्य में इस जलमार्ग का मैनेजमेंट कैसे होगा, वहां क्या सेवाएं मिलेंगी और उनका खर्चा क्या होगा। दोनों देशों ने अपने समुद्री इलाकों पर अपने संप्रभु अधिकारों (Sovereign Rights) को बनाए रखने की बात भी कही है।

टोल टैक्स पर छिड़ी बहस

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा विवाद टोल टैक्स या ट्रांजिट फीस को लेकर है। ओमान के विदेश मंत्री बदर अल-बुसाइडी ने 25 जून को साफ कह दिया कि भविष्य में इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से कोई ट्रांजिट फीस नहीं ली जाएगी। उन्होंने कहा कि ओमान इस रास्ते को सबके लिए खुला और सुरक्षित रखना चाहता है।

वहीं, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी टोल वसूलने के विचार को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग किसी एक देश की संपत्ति नहीं होते और अगर कोई देश यहां पैसे वसूलने की कोशिश करेगा, तो इससे पूरी दुनिया में अफरा-तफरी मच जाएगी। दूसरी तरफ, ईरान ने ‘सेवाओं से जुड़े खर्चों’ की बात कही है, जिससे लगता है कि वह अभी भी फीस लेने के पक्ष में है।

अमेरिका और ईरान के बीच समझौता

यह सारी बातचीत अमेरिका और ईरान के बीच 18 जून 2026 को हुए एक समझौते (Memorandum of Understanding) के बाद शुरू हुई है। इस समझौते पर ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हस्ताक्षर किए थे।

  • इस समझौते के तहत दोनों देशों ने दुश्मनी खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर सहमति जताई।
  • अमेरिका ने ईरान पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने का फैसला किया।
  • शुरुआत के 60 दिनों के लिए ईरान ने व्यापारिक जहाजों को बिना किसी शुल्क के सुरक्षित रास्ता देने का वादा किया है।

मौजूदा स्थिति

फिलहाल ईरान और ओमान का वर्किंग ग्रुप भविष्य के नियमों पर काम कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के मुताबिक इस रास्ते पर फीस लगाना मुश्किल होगा। ओमान इस पूरे मामले में एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है ताकि पूरे क्षेत्र में शांति बनी रहे और व्यापारिक जहाजों को कोई परेशानी न हो।