ईरान के विदेश मंत्रालय ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि Strait of Hormuz (स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज) के भविष्य का फैसला अब ईरान और ओमान की सरकारें मिलकर करेंगी। 1 अप्रैल 2026 को आई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस समुद्री रास्ते पर ईरान अपनी पकड़ और ज्यादा मजबूत कर रहा है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने साफ़ कर दिया है कि यह रणनीतिक रास्ता देश के दुश्मनों के लिए बंद रहेगा। इस हलचल से खाड़ी देशों में समुद्री व्यापार को लेकर चिंता बढ़ गई है।

👉: तेहरान में भीषण धमाके, इज़राइल ने ली हमलों की ज़िम्मेदारी, खाड़ी देशों में अलर्ट के साथ यात्रा पर पाबंदी

ईरान और ओमान की इस नई योजना में क्या खास है?

ईरान के उप विदेश मंत्री आराघची ने बताया कि ओमान के साथ मिलकर इस जलमार्ग का प्रबंधन किया जाएगा। ईरान की संसदीय समिति ने एक नई योजना को मंजूरी दी है जिसके तहत अब इस इलाके से गुजरने वाले जहाजों को ईरानी रियाल (Rial) में ट्रांजिट फीस देनी पड़ सकती है। ईरान का दावा है कि वह इस क्षेत्र की सुरक्षा के लिए यह कदम उठा रहा है। हालांकि, अमेरिकी और इज़राइली जहाजों के लिए इस रास्ते को बंद रखने की तैयारी चल रही है।

  • IRGC का नियंत्रण: ईरानी सेना ने कहा कि पूरे जलडमरूमध्य पर उनकी नौसेना की कड़ी नजर है।
  • ट्रांजिट फीस: विदेशी जहाजों से अब ईरानी मुद्रा में पैसा लेने का प्रस्ताव रखा गया है।
  • दुश्मन देशों पर रोक: संघर्ष की शुरुआत से ही किसी भी दुश्मन देश के मालवाहक जहाज को वहां से गुजरने नहीं दिया गया है।
  • चीन का व्यापार: चीन की कंपनियों के जहाज ईरानी अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाकर यहां से सुरक्षित निकल रहे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति और युद्धविराम की क्या स्थिति है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी है कि ईरान की तरफ से युद्धविराम की मांग आई है। ट्रंप ने शर्त रखी है कि अगर Strait of Hormuz को पूरी तरह खुला, मुक्त और सुरक्षित बनाया जाता है, तभी वह इस पर विचार करेंगे। ऐसा न होने पर अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई जारी रखने की बात कही है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने भी संकेत दिया है कि वे कुछ शर्तों के साथ जारी तनाव को खत्म करने के लिए तैयार हैं।

मुख्य बिंदु विवरण
तारीख 1 अप्रैल 2026
मुख्य देश ईरान, ओमान, अमेरिका
प्रमुख मुद्दा Strait of Hormuz पर नियंत्रण और आवाजाही
नया नियम ईरानी रियाल में फीस और कुछ देशों पर पाबंदी
अमेरिकी रुख रास्ता खुलने पर ही युद्धविराम की संभावना

भारतीय प्रवासियों और खाड़ी देशों में व्यापार करने वाले लोगों के लिए यह खबर काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि Strait of Hormuz दुनिया के सबसे जरूरी समुद्री रास्तों में से एक है। यदि यहां तनाव बढ़ता है या आवाजाही पर रोक लगती है, तो तेल की कीमतों और सामानों की सप्लाई पर सीधा असर पड़ सकता है। फिलहाल ईरान का कहना है कि वह गैर-शामिल देशों के जहाजों को सुरक्षा प्रदान कर रहा है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.