ईरान और ओमान ने Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही के लिए एक नया सिस्टम बनाने पर चर्चा की है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब इस समुद्री इलाके में तनाव काफी बढ़ा हुआ है। ईरान अब इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है ताकि सुरक्षा और नेविगेशन को बेहतर तरीके से कंट्रोल किया जा सके।
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Strait of Hormuz में जहाजों के लिए क्या हैं नए नियम?
ईरान ने जहाजों की निगरानी के लिए Persian Gulf Strait Authority (PGSA) नाम की एक नई सरकारी एजेंसी बनाई है। अब इस रास्ते से गुजरने वाले हर जहाज को ‘Vessel Information Declaration’ नाम का एक फॉर्म भरना होगा। इस फॉर्म में जहाज के मालिक, उसके क्रू और ले जाए जा रहे सामान से जुड़े 40 से ज्यादा सवाल पूछे जाएंगे। इसके साथ ही, ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रज़ा आरिफ ने ऐलान किया है कि अब दुश्मन देशों के सैन्य उपकरणों को इस रास्ते से गुजरने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
ईरान और ओमान की बातचीत और इसका असर क्या होगा?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाएई ने बताया कि पिछले हफ्ते ओमान में तकनीकी टीमों की मुलाकात हुई थी और अगले हफ्ते फिर से बैठक होगी ताकि इस समझौते को अंतिम रूप दिया जा सके। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची के मुताबिक, यह समुद्री रास्ता सिर्फ ईरान और ओमान का है। ईरान एक नया प्रोफेशनल रूट भी तैयार कर रहा है, जिसके लिए विशेष सेवाओं की फीस ली जाएगी। हालांकि, यह रास्ता उन ऑपरेटर्स के लिए बंद रहेगा जो अमेरिका के प्रोजेक्ट्स से जुड़े हैं।
क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा की स्थिति
ईरान के सुप्रीम लीडर के सलाहकार मोहसिन रज़ाई ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह Strait of Hormuz में अपना नौसैनिक नाकाबंदी हटा ले, वरना यह स्थिति युद्ध जैसी हो सकती है। वहीं, ईरान का कहना है कि उसके द्वारा उठाए गए सभी कदम अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे में हैं और वह ओमान के साथ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त कर रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Strait of Hormuz में जहाजों के लिए नया नियम क्या है?
अब जहाजों को Persian Gulf Strait Authority (PGSA) द्वारा जारी एक फॉर्म भरना होगा जिसमें जहाज और उसके कार्गो से जुड़ी 40 से ज्यादा जानकारियां देनी होंगी।
क्या इस रास्ते पर सभी तरह के जहाजों को आने दिया जाएगा?
नहीं, ईरान ने स्पष्ट किया है कि दुश्मन देशों के सैन्य उपकरण इस रास्ते से नहीं गुजर पाएंगे और कुछ विशेष रूटों के लिए फीस भी वसूली जाएगी।
