ईरान ने एक बड़ा ऐलान करते हुए हॉर्मुज़ जलडमरूमदार (Strait of Hormuz) को सभी कमर्शियल जहाजों के लिए खोल दिया है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बताया कि यह फैसला सीज़फायर यानी युद्ध विराम के दौरान लिया गया है। इस कदम से समुद्री रास्तों पर तनाव कम होने की उम्मीद है जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार को काफी राहत मिलेगी।

यह फैसला कब और क्यों लिया गया?

यह घोषणा 17 अप्रैल 2026 को की गई। यह कदम इजरायल और लेबनान के बीच हुए 10 दिनों के युद्ध विराम के बाद उठाया गया है, जो गुरुवार शाम से लागू हो गया था। इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच भी दो हफ्ते का युद्ध विराम चल रहा है जो अगले मंगलवार को खत्म होगा। ईरान ने साफ किया कि यह फैसला लेबनान में शांति बहाली की कोशिशों के साथ तालमेल बिठाकर लिया गया है।

जहाजों के लिए क्या नियम तय किए गए हैं?

विदेश मंत्री ने कहा कि सभी कमर्शियल जहाज अब निर्धारित रास्तों (coordinated routes) से गुजर सकेंगे। इन रास्तों का मैनेजमेंट ईरान के पोर्ट और मैरीटाइम अथॉरिटी करेंगी। इससे पहले ईरान ने केवल उन्हीं जहाजों को रास्ता दिया था जिनके पास खास मंजूरी थी और जिनका संबंध अमेरिका या इजरायल से नहीं था ताकि वे समुद्री बारूदी सुरंगों से बच सकें। अब इस नियम में बदलाव किया गया है।

इस फैसले का आम लोगों और बाजार पर क्या असर हुआ?

इस ऐलान के बाद दुनिया भर में तनाव कम होने के संकेत मिले हैं। जैसे ही यह खबर आई, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई क्योंकि अब सप्लाई चेन में रुकावट का डर कम हो गया है। दुनिया को उम्मीद है कि अमेरिका और ईरान के बीच का समझौता आगे बढ़ाया जा सकता है जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में स्थिरता आएगी।

मुख्य विवरण जानकारी
घोषणा की तारीख 17 अप्रैल 2026
घोषणा करने वाले अधिकारी अब्बास अराघची (विदेश मंत्री)
मुख्य कारण इजरायल-लेबनान युद्ध विराम
रास्ते का प्रबंधन ईरानी पोर्ट और मैरीटाइम अथॉरिटी
प्रभावित क्षेत्र हॉर्मुज़ जलडमरूमदार (Strait of Hormuz)
आर्थिक असर तेल की कीमतों में गिरावट
शर्त सीज़फायर की अवधि तक लागू
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.