Hormuz Strait खुला, जहाजी कंपनियों ने मांगी जानकारी, बारूदी सुरंगों और ईरान की शर्तों पर अब भी है डर

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को सभी व्यापारिक जहाजों के लिए खोलने का ऐलान किया है। लेबनान में 10 दिन के युद्धविराम के बाद यह फैसला लिया गया है। लेकिन इस खबर के बाद भी जहाजी कंपनियों में डर का माहौल है। वे समुद्र में मौजूद बारूदी सुरंगों और ईरान की कड़ी शर्तों को लेकर साफ जानकारी मांग रही हैं।

ईरान ने क्या शर्तें रखी हैं और अमेरिका का क्या कहना है?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 17 अप्रैल को बताया कि यह रास्ता अब खुला है। लेकिन ईरान के एक बड़े अधिकारी ने साफ किया कि जहाज सिर्फ उन्हीं रास्तों से जा सकेंगे जिन्हें ईरान सुरक्षित मानेगा। साथ ही, सभी जहाजों को ईरान की IRGC संस्था के साथ तालमेल करना होगा। दूसरी तरफ, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक पूरा सौदा 100% पूरा नहीं हो जाता। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान अब समुद्र से बारूदी सुरंगें हटा रहा है।

जहाजी कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को क्या चिंता है?

जहाजी कंपनियों ने इस फैसले का स्वागत तो किया है, लेकिन वे जल्दबाजी में नहीं हैं। Hapag-Lloyd और BIMCO जैसी बड़ी कंपनियों का कहना है कि जब तक बारूदी सुरंगों का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होता, वहां जाना जोखिम भरा है। अमेरिकी नौसेना ने भी एक चेतावनी जारी की है जिसमें कहा गया है कि सुरंगों का खतरा अभी साफ नहीं है, इसलिए जहाजों को इस इलाके से बचने की सलाह दी जाती है।

संस्था/देश मौजूदा स्थिति और स्टैंड
ईरान रास्ता खुला बताया, लेकिन IRGC से तालमेल जरूरी किया
अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी जारी रखी
IMO नेविगेशन की आजादी की जांच शुरू की
संयुक्त राष्ट्र ईरान के फैसले को सही दिशा में कदम बताया
जहाजी कंपनियां बारूदी सुरंगों और ईरान की शर्तों पर जानकारी मांगी
यूएस नेवी सुरंगों के खतरे के कारण इलाके से बचने की सलाह दी
यूरोपीय देश सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय मिशन बनाने की योजना बनाई

अब आगे क्या होगा और क्या हालात हैं?

यूरोप के नेताओं, जैसे फ्रांस के राष्ट्रपति और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने इस खबर का स्वागत किया है। वे अब समुद्री सुरक्षा को पक्का करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मिशन बनाने की तैयारी कर रहे हैं, जिसकी मीटिंग अगले हफ्ते लंदन में होगी। हालांकि, अनिश्चितता के बीच भी कुछ जहाजों ने हिम्मत दिखाई है। शिप ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, लगभग 20 जहाज जिनमें तेल और मालवाहक जहाज शामिल हैं, खाड़ी से बाहर निकलने के लिए आगे बढ़ रहे हैं।