ईरान और पाकिस्तान ने अपने बीच व्यापार को आसान बनाने के लिए हाथ मिलाया है। दोनों देशों ने ज़मीनी रास्ते खोलने का फैसला किया है ताकि सामान की आवाजाही तेज़ हो सके। इस कदम से ईरान को अमेरिकी पाबंदियों के बीच पाकिस्तान के बंदरगाहों के ज़रिए सामान मंगाने में बड़ी मदद मिलेगी।
व्यापार के लिए कौन से नए रास्ते खुले हैं?
पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्रालय ने SRO 691 के तहत छह ट्रांजिट रूट तय किए हैं। ये रास्ते पाकिस्तान के कराची, पोर्ट कासिम और ग्वादर पोर्ट को ईरान के गबद और तफ्तान बॉर्डर से जोड़ेंगे। इनमें ग्वादर-गबद कॉरिडोर सबसे छोटा रास्ता है, जिससे सामान पहुँचाने का समय 16-18 घंटे से घटकर अब सिर्फ 2-3 घंटे रह जाएगा। इससे ट्रांसपोर्ट का खर्चा कम होगा और व्यापार में तेज़ी आएगी।
व्यापार बढ़ाने के लिए क्या शर्तें और लक्ष्य तय हुए हैं?
दोनों देशों ने आने वाले कुछ सालों में आपसी व्यापार को 10 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए ईरान के Chabahar Free Zone और पाकिस्तान के Gwadar Port Authority के बीच एक समझौता (MoU) साइन किया गया है। इसके अलावा, दोनों देश सामान के बदले सामान यानी Barter Trade सिस्टम को लागू करने पर काम करेंगे। व्यापार को आसान बनाने के लिए बॉर्डर पर कस्टम ऑफिस के कामकाज का समय बढ़ाया जाएगा और कारोबारियों के लिए वीज़ा प्रक्रिया को भी सरल बनाया जाएगा।
| मुख्य विवरण | जानकारी |
|---|---|
| व्यापार का लक्ष्य | 10 अरब डॉलर |
| कुल ट्रांजिट रूट | 6 रास्ते |
| पुराना समय (ग्वादर-गबद) | 16-18 घंटे |
| नया समय (ग्वादर-गबद) | 2-3 घंटे |
| प्रमुख बंदरगाह | Gwadar, Karachi, Port Qasim, Chabahar |
| बॉर्डर पॉइंट | Gabd और Taftan |
| रेगुलेटरी ऑर्डर | SRO 691 |
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान और पाकिस्तान ने व्यापार के लिए क्या लक्ष्य रखा है?
दोनों देशों ने रणनीतिक तालमेल और तकनीकी बाधाओं को दूर करके आने वाले कुछ वर्षों में आपसी व्यापार को 10 अरब डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य तय किया है।
इस नए समझौते से ईरान को क्या फायदा होगा?
इस पहल से ईरान को पाकिस्तान के गहरे पानी वाले बंदरगाहों से सामान आयात करने की सुविधा मिलेगी, जिससे उसे अमेरिकी ब्लॉक़ेड के कारण हो रही shipping की समस्याओं से राहत मिलेगी।
