ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi और पाकिस्तान के विदेश मंत्री Mohammad Ishaq Dar के बीच शुक्रवार को फोन पर बातचीत हुई। इस बातचीत में दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने और इलाके के मौजूदा हालात पर चर्चा की गई। पाकिस्तान ने इस दौरान ईरान के नाविकों की रिहाई में बड़ी मदद की है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री Ishaq Dar ने बताया कि अमेरिका द्वारा पकड़े गए जहाज Lenore/Davina के 22 ईरानी नाविकों को वापस लाने में कामयाबी मिली है। पिछले दो महीनों में पाकिस्तान की मदद से अब तक 70 से ज्यादा ईरानी नाविक अपने वतन लौट चुके हैं। इन नाविकों के कराची पहुंचने की पुष्टि विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर की और बताया कि उन्हें ईरान भेजने की तैयारी चल रही है।
इस्लामाबाद समझौता और अमेरिका की भूमिका
नाविकों की यह रिहाई ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ (MoU) के तहत हुई है। पाकिस्तान की मध्यस्थता से ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस 14 पॉइंट के समझौते पर इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर किए थे, जो 18 जून 2026 से लागू हो गया है।
इस समझौते में कुछ मुख्य बातें शामिल हैं:
- लेबनान समेत कई मोर्चों पर लड़ाई और दुश्मनी को खत्म करना।
- हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को दोबारा खोलना।
- ईरान पर लगी अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को हटाना।
ईरानी विदेश मंत्री Araghchi ने इस समझौते को ईरानी लोगों की जीत बताया है। उन्होंने राष्ट्रपति Pezeshkian की इस्लामाबाद यात्रा के दौरान मिले मेहमाननवाज़ी के लिए पाकिस्तान का शुक्रिया अदा किया और अमेरिका-ईरान बातचीत में पाकिस्तान की भूमिका की तारीफ की।
क्षेत्रीय शांति और चिंताएं
बातचीत के दौरान दोनों मंत्रियों ने इलाके में शांति बनाए रखने के लिए आपसी सहयोग पर जोर दिया। उन्होंने लेबनान में इजराइल द्वारा ceasefire (युद्धविराम) के नियमों को तोड़े जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि यह स्थिति गंभीर है। दोनों देशों ने भविष्य में भी इस तरह की बातचीत और तालमेल जारी रखने की बात कही।
