ईरान और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों ने हाल ही में फोन पर बातचीत की। इस बातचीत का मुख्य मकसद इलाके में बढ़ते तनाव को कम करना और शांति बहाल करना था। पाकिस्तान इस समय दोनों देशों के बीच एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है ताकि विवादों को बातचीत से सुलझाया जा सके।
विदेश मंत्रियों की बातचीत में क्या बातें हुईं
पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Mohammad Ishaq Dar ने ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi से फोन पर चर्चा की। ईरान के विदेश मंत्री ने इस बात की सराहना की कि पाकिस्तान क्षेत्र में शांति लाने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहा है। वहीं Mohammad Ishaq Dar ने साफ किया कि बातचीत और कूटनीति ही वह एकमात्र रास्ता है जिससे इस क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता आ सकती है।
ईरान का 3 चरणों वाला शांति प्रस्ताव क्या है
ताजा जानकारी के मुताबिक, ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को एक तीन चरणों वाला प्लान भेजा है। इस योजना के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- मौजूदा युद्धविराम को 30 दिनों के भीतर पूरी तरह खत्म कर संघर्ष को समाप्त करना।
- पूरे क्षेत्र में स्थिरता लाना और सुरक्षा की गारंटी देना।
- इजराइल सहित सभी पक्षों के बीच एक ‘non-aggression’ यानी हमला न करने का औपचारिक वादा करना।
- Strait of Hormuz को धीरे-धीरे फिर से खोलना और ईरानी बंदरगाहों पर लगी समुद्री पाबंदियों को कम करना।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों के बीच बातचीत कब हुई
यह फोन पर बातचीत रविवार रात को हुई थी, जिसकी रिपोर्ट सोमवार, 4 मई 2026 को सामने आई।
ईरान ने अमेरिका को क्या प्रस्ताव दिया है
ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से एक तीन-चरणीय योजना भेजी है जिसमें युद्ध समाप्त करने, सुरक्षा गारंटी देने और समुद्री व्यापारिक रास्तों को फिर से खोलने का प्रस्ताव है।