ईरान और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने के लिए इस्लामाबाद में बातचीत हुई थी, लेकिन कोई बड़ा नतीजा नहीं निकला। हालांकि, दोनों देशों के बीच अब भी संदेशों का आदान-प्रदान जारी है। पाकिस्तान इस मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है ताकि हालात को सुधारा जा सके और शांति बहाल हो सके।

इस्लामाबाद में हुई बातचीत का क्या नतीजा रहा?

इस्लामाबाद में हुई मीटिंग में ईरान ने 10 सूत्रीय योजना पेश की थी। इसमें अमेरिकी सैनिकों की वापसी और प्रतिबंध हटाना जैसी प्रमुख मांगें शामिल थीं। लेकिन अमेरिकी negotiators के साथ 21 घंटे की चर्चा के बाद भी कोई सहमति नहीं बनी। ईरान ने अमेरिका पर अत्यधिक मांगें करने और भरोसे की कमी का आरोप लगाया, जिसके बाद ईरानी प्रतिनिधि खाली हाथ लौट आए।

विवाद और बातचीत का पूरा घटनाक्रम

तारीख/समय घटना
28 फरवरी अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया
40 दिन तक ईरानी सेना ने अमेरिकी और इज़राइली हमलों का पलटवार किया
8 अप्रैल दो हफ्ते के लिए युद्धविराम हुआ ताकि बातचीत हो सके
14 अप्रैल से पहले इस्लामाबाद में वार्ता हुई लेकिन कोई समझौता नहीं हुआ
वार्ता का समय अमेरिकी प्रतिनिधियों के साथ 21 घंटे तक चर्चा चली
ईरान की मांगें अमेरिकी सैनिकों की वापसी, प्रतिबंध हटाना और होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर नियंत्रण

क्या अगले दौर की बातचीत की कोई तैयारी है?

कुछ पश्चिमी मीडिया रिपोर्ट्स और पाकिस्तानी सूत्रों ने अगले दौर की बातचीत की खबरें दी थीं, लेकिन आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है। पाकिस्तानी राजनयिक स्रोत ने बताया कि फिलहाल किसी अगली मीटिंग की तारीख या जगह तय नहीं हुई है। हालांकि, पाकिस्तान ने यह साफ कर दिया है कि वह मध्यस्थता के प्रयासों के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में बातचीत कहीं भी हो सकती है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.