ईरान और पाकिस्तान के बीच चल रही मध्यस्थता की कोशिशों में एक सकारात्मक मोड़ आया है। पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रज़ा अमीरी मोघदम ने जानकारी दी है कि तनावपूर्ण और संवेदनशील स्थिति से अब एक कदम आगे बढ़ने में सफलता मिली है। उन्होंने पाकिस्तान की कोशिशों की जमकर तारीफ की है। दूसरी ओर, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है और हालात अभी भी काफी गंभीर बने हुए हैं।

पाकिस्तान की मध्यस्थता से क्या निकलकर आया है?

पाकिस्तान पिछले कई हफ्तों से अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता खोलने की कोशिश कर रहा है। ईरान के राजदूत ने सोशल मीडिया पर बताया कि पाकिस्तान का रवैया बहुत सकारात्मक रहा है और अब यह मामला एक संवेदनशील चरण में पहुंच गया है। हालांकि, ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी तरह के अस्थायी युद्धविराम को स्वीकार नहीं करेगा। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका और इसराइल के हमले पूरी तरह बंद नहीं होते और नुकसान की भरपाई नहीं की जाती, तब तक स्थायी शांति पर बात नहीं होगी।

ट्रंप की चेतावनी और खाड़ी देशों के हालात

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के लिए एक समय सीमा तय की है और कहा है कि अगर हॉर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत नहीं खोला गया, तो ईरान के बिजली घरों और पुलों को निशाना बनाया जाएगा। इस बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है क्योंकि ईरान ने सऊदी अरब में अमेरिकी फर्मों से जुड़ी फैक्ट्रियों पर हमले किए हैं। इस तनावपूर्ण स्थिति का विवरण नीचे दिया गया है:

देश/संस्था ताज़ा घटनाक्रम
अमेरिका ट्रंप ने ईरान को हॉर्मुज खोलने के लिए 24 घंटे से कम का समय दिया।
सऊदी अरब औद्योगिक ठिकानों पर हमले के बाद तनाव में बढ़ोतरी हुई।
जापान प्रधानमंत्री ताकाइची ईरान के राष्ट्रपति से फोन पर बात करने की तैयारी में हैं।
संयुक्त राष्ट्र रूस और चीन ने हॉर्मुज खोलने के प्रस्ताव पर वीटो लगा दिया है।
इसराइल अपने नागरिकों और ईरानियों को रेल नेटवर्क से दूर रहने की चेतावनी दी।

प्रवासियों और आम जनता पर क्या असर होगा?

खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक हो सकती है क्योंकि हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से व्यापार और तेल की सप्लाई पर बुरा असर पड़ता है। पाकिस्तान फिलहाल इस युद्ध को रोकने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रहा है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने भी पुष्टि की है कि वे अभी भी संदेशों का आदान-प्रदान कर रहे हैं। आम लोगों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और फिलहाल किसी भी बड़ी यात्रा से पहले सुरक्षा स्थिति की जानकारी जरूर लें।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.