पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif अपने एक बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ ईरान की राजधानी Tehran पहुँचे हैं. वे यहाँ ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei के जनाजे में शामिल होने और उन्हें श्रद्धांजलि देने गए हैं. इस दौरान पाकिस्तान के आर्मी चीफ General Asim Munir और विदेश मंत्री Ishaq Dar भी उनके साथ मौजूद रहे.

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प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 3 जुलाई 2026 को खामेनेई के ताबूत पर फूल चढ़ाकर अपनी श्रद्धांजलि दी. उन्होंने पाकिस्तान की सरकार और वहां के लोगों की तरफ से ईरान के नेतृत्व को दुख जताया और इस मुश्किल घड़ी में अपनी एकजुटता जाहिर की. बता दें कि खामेनेई के जनाजे की प्रक्रिया 4 जुलाई से तेहरान में शुरू होगी और 9 जुलाई को Mashhad में उनकी दफन प्रक्रिया के साथ पूरी होगी.

इस दौरे के बीच ईरान और पाकिस्तान के अधिकारियों ने तेहरान में अलग से बातचीत भी की है. हालांकि, इन दिनों पाकिस्तान और कतर मिलकर अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं. Doha में इन दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही थी, जिसे खामेनेई के जनाजे की वजह से कुछ समय के लिए रोक दिया गया था.

इन बातचीत में मुख्य रूप से युद्धविराम, Strait of Hormuz और ईरान की जमी हुई संपत्तियों जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही थी. कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों ने बताया है कि इस बातचीत में सकारात्मक प्रगति हुई है. अब उम्मीद है कि अमेरिका और ईरान के बीच ये बातचीत जुलाई के तीसरे हफ्ते में दोबारा शुरू होगी.

इससे पहले अप्रैल 2026 में ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इस्लामाबाद का दौरा किया था. उस दौरान उन्होंने अमेरिका के साथ होने वाली बातचीत को लेकर ईरान की मांगों और शर्तों के बारे में पाकिस्तानी अधिकारियों को जानकारी दी थी.

Aanya

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