ईरान ने पाकिस्तान द्वारा दिए गए शांति प्रस्ताव को लेकर अपनी कड़ी शर्तें रखी हैं. ईरान का कहना है कि वह केवल कुछ समय के युद्धविराम के लिए तैयार नहीं है बल्कि उसे एक स्थायी समाधान चाहिए. इस प्रस्ताव में लेबनान को भी शामिल करने की मांग की गई है और Strait of Hormuz को लेकर भी ईरान ने सख्त रुख अपनाया है. पाकिस्तान के सेना प्रमुख Asim Munir इस पूरे मामले में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं.

ईरान की मुख्य शर्तें और शांति प्रस्ताव की बड़ी बातें

  • ईरान ने साफ कर दिया है कि वह 45 दिनों के छोटे युद्धविराम के पक्ष में नहीं है, उसे परमानेंट समझौता चाहिए.
  • ईरान की मांग है कि शांति समझौते में Lebanon का मुद्दा भी शामिल होना चाहिए.
  • Strait of Hormuz को पूरी तरह खोलने से पहले एक अंतिम समझौता होना जरूरी है.
  • ईरान ने अमेरिका से युद्ध के दौरान हुए नुकसान के लिए हर्जाने की मांग की है.
  • ईरान चाहता है कि मध्य पूर्व में बने सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बंद किया जाए.
  • ईरान ने इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों से ट्रांजिट फीस लेने की अनुमति भी मांगी है.

Strait of Hormuz और ट्रंप की चेतावनी का असर

ईरान ने पहले ही Strait of Hormuz से गुजरने वाले कुछ जहाजों से लगभग 2 मिलियन डॉलर की फीस वसूलना शुरू कर दिया है. ईरान के सांसदों का कहना है कि यह उनके संप्रभु अधिकार का हिस्सा है. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय कानून के जानकारों का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र के नियमों के हिसाब से ईरान ऐसा नहीं कर सकता है. दूसरी तरफ, Donald Trump ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान मंगलवार तक समझौते के लिए तैयार नहीं होता है, तो उसके ऊर्जा ठिकानों पर हमला किया जा सकता है. ईरान ने इन धमकियों को युद्ध अपराध बताया है और कहा है कि वह दबाव में कोई फैसला नहीं लेगा.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.