ईरान और पाकिस्तान के बीच रिश्तों को सुधारने और क्षेत्र में शांति बहाली के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने शुक्रवार को इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता में शामिल होने की पुष्टि कर दी है। इस खबर की जानकारी खुद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए साझा की है। इस फैसले को पूरे इलाके की सुरक्षा और आपसी सहयोग के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।

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शांति वार्ता का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इस्लामाबाद में होने वाली इस बैठक का सबसे बड़ा लक्ष्य क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए मिलकर काम करना है। पाकिस्तान पिछले काफी समय से इसके लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहा था। इस वार्ता से यह उम्मीद लगाई जा रही है कि पड़ोसी देशों के बीच तालमेल बेहतर होगा और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर भी चर्चा की जा सकेगी।

  • बैठक का आयोजन शुक्रवार को इस्लामाबाद में तय हुआ है।
  • ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian खुद इसमें शामिल होंगे।
  • क्षेत्रीय शांति और स्थिरता पर दोनों देशों का खास जोर रहेगा।
  • पाकिस्तान ने इस वार्ता की मेजबानी करने का प्रस्ताव दिया था।

प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने क्या प्रतिक्रिया दी?

प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने ईरानी राष्ट्रपति के साथ हुई बातचीत को काफी सार्थक बताया है। उन्होंने ईरानी नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि वार्ता के प्रस्ताव को स्वीकार करना उनकी बुद्धिमानी को दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि दोनों देश मिलकर क्षेत्र में अमन और शांति वापस लाने की दिशा में सक्रिय कदम उठाएंगे। यह घोषणा पाकिस्तान की ओर से की गई गहन कूटनीतिक कोशिशों का परिणाम मानी जा रही है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.