ईरान के विदेश मंत्री Seyyed Abbas Araghchi ने पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ फोन पर बातचीत की है। इस बातचीत में पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Muhammad Ishaq Dar और आर्मी चीफ Field Marshal Asim Munir शामिल थे। दोनों देशों के बीच इलाके में चल रहे तनाव और अमेरिका के साथ सीज़फायर जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

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पाकिस्तान और ईरान के बीच किन बातों पर चर्चा हुई?

शुक्रवार 24 अप्रैल 2026 को हुई इस बातचीत में क्षेत्रीय विकास और ईरान-अमेरिका सीज़फायर से जुड़े मुद्दों पर विचार साझा किए गए। पाकिस्तान इस समय दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान सरकार चाहती है कि ईरान, अमेरिका के साथ दूसरे दौर की बातचीत में हिस्सा ले। हालांकि ईरान ने फिलहाल इस बात से इनकार किया है।

सीज़फायर और अमेरिका के साथ क्या मामला है?

ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्ते का सीज़फायर 8 अप्रैल 2026 से लागू हुआ था, जिसे पाकिस्तान ने brokered किया था। बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस सीज़फायर की अवधि को बढ़ा दिया। पाकिस्तान के गृह मंत्री Mohsin Naqvi ने इस फैसले का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि ईरान की तरफ से भी सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

ईरान ने बातचीत से इनकार क्यों किया?

ईरान की सरकारी एजेंसी IRNA ने बताया कि दूसरे दौर की बातचीत की खबरें सही नहीं हैं। ईरान का कहना है कि अमेरिका की लालच और उसकी अनुचित मांगों की वजह से बात आगे नहीं बढ़ पा रही है। साथ ही, ईरान ने 13 अप्रैल को Trump द्वारा लगाई गई नौसेना की नाकाबंदी का भी जिक्र किया। दूसरी तरफ, पाकिस्तान ने इसराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.