ईरान और पाकिस्तान ने अपने रिश्तों को और मजबूत करने का फैसला किया है. दोनों देशों के मंत्रियों ने सुरक्षा, आतंकवाद और बॉर्डर मैनेजमेंट पर खास बातचीत की. सबसे बड़ी बात यह है कि पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौता कराने में अहम भूमिका निभाई है.

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20 जून 2026 को पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री Senator Syed Mohsin Raza Naqvi ने तेहरान में ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और विदेश मंत्री Abbas Araghchi से मुलाकात की. इस मीटिंग में राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने पाकिस्तान के जिम्मेदार और मददगार रवैये की तारीफ की, जिसकी वजह से ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम हुआ और ceasefire समझौता हो सका.

इस पूरी प्रक्रिया में ‘Islamabad Memorandum of Understanding (MoU)’ की अहम भूमिका रही, जिसे पाकिस्तान ने मध्यस्थ बनकर तैयार कराया था. ब्रिटेन ने भी 16 जून 2026 को इस शांति डील में पाकिस्तान की लीडरशिप के लिए उसका शुक्रिया अदा किया था. इससे पहले 5 और 6 जून 2026 को भी दोनों देशों के आंतरिक मंत्रियों की बातचीत किरगिज़स्तान और तेहरान में हुई थी.

दोनों देशों ने व्यापार को बढ़ाने पर भी जोर दिया है. अभी दोनों देशों के बीच सालाना व्यापार 3 अरब डॉलर है, जिसे बढ़ाकर 10 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए ईरान का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान का दौरा करेगा, जिसमें कृषि, उद्योग, खनन और वित्त मंत्री शामिल होंगे.

बॉर्डर की सुरक्षा को लेकर भी ठोस कदम उठाए गए हैं. जनवरी 2024 में दोनों देशों ने तय किया था कि पाकिस्तान के Turbat और ईरान के Zahedan बॉर्डर टाउन्स में ‘liaison officers’ तैनात किए जाएंगे. इससे खुफिया जानकारी साझा करने और सुरक्षा बढ़ाने में मदद मिलेगी. जून 2023 में समुद्री सहयोग के लिए भी एक समझौता साइन हुआ था.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com