ईरान के विदेश मंत्री पहुंचे पाकिस्तान, बिना अमेरिका के होगी बातचीत, शांति के लिए पाकिस्तान बना बीच का रास्ता.
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान एक बार फिर बीच-बचाव कर रहा है। शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026 को ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुँचा है। इस दौर की बातचीत की सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें अमेरिका का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं है।
पाकिस्तान में बातचीत क्यों हो रही है और ईरान की क्या शर्तें हैं?
पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौता कराने की कोशिश कर रहा है। इससे पहले 12 अप्रैल को हुई बातचीत नाकाम रही थी। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका उसके बंदरगाहों की नाकेबंदी खत्म नहीं करता, तब तक बातचीत आगे बढ़ाना मुश्किल है। ईरान ने अमेरिका के व्यवहार को विरोधाभासी और अस्वीकार्य बताया था।
इस बैठक में कौन शामिल है और क्या तैयारियां की गई हैं?
इस बैठक का नेतृत्व ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi कर रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान के विदेश मंत्री Mohammad Ishaq Dar और सेना प्रमुख Asim Munir से अलग-अलग फोन पर बात की है। हालांकि अमेरिका इस बैठक में सीधे तौर पर शामिल नहीं है, लेकिन कुछ खबरों के मुताबिक उनकी लॉजिस्टिक और सुरक्षा टीमें पहले से पाकिस्तान में मौजूद हैं।
अमेरिका ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने हाल ही में एकतरफा फैसला लेते हुए युद्धविराम (ceasefire) की अवधि को दो हफ्ते के लिए बढ़ा दिया है। यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि बातचीत करने वालों को और समय मिल सके। पाकिस्तान की सरकार भी लगातार ईरान को इस बातचीत में शामिल होने के लिए मना रही थी ताकि मामला सुलझ सके।