ईरान और पाकिस्तान ने व्यापार और बंदरगाहों के मामले में हाथ मिलाया है। दोनों देशों ने आने वाले कुछ सालों में आपसी व्यापार को 10 अरब डॉलर तक पहुँचाने का बड़ा लक्ष्य रखा है। इस समझौते के बाद अब सामानों की आवाजाही आसान होगी और दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को फायदा मिलेगा।

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व्यापार और पोर्ट्स के लिए क्या हुआ समझौता?

IRNA News Agency की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान और पाकिस्तान ने बंदरगाहों और ट्रांजिट सहयोग को बढ़ाने पर सहमति जताई है। इसके लिए ईरान के Chabahar Free Zone और पाकिस्तान के Gwadar Port Authority के बीच एक समझौता (MoU) साइन किया गया है। इससे दोनों देशों के पोर्ट्स के बीच बेहतर तालमेल बनेगा।

अगस्त 2025 में ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने पाकिस्तान का दौरा किया था, जहाँ परिवहन और आर्थिक सहयोग समेत 12 अहम दस्तावेजों पर हस्ताक्षर हुए थे। अधिकारियों का मानना है कि सही तालमेल से व्यापार जल्द ही 10 अरब डॉलर तक पहुँच जाएगा।

नए रूट और रेलवे कनेक्टिविटी की क्या तैयारी है?

सामान को तेजी से पहुँचाने के लिए पाकिस्तान ने ट्रांजिट सहयोग का दायरा बढ़ा दिया है। अब तीसरे देशों का सामान भी पाकिस्तानी जमीन के रास्ते ईरान जा सकेगा। इसके लिए 6 नए लैंड ट्रांजिट रूट खोले गए हैं और एक नया रोड कॉरिडोर भी शुरू किया गया है।

अक्टूबर 2025 में रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाने और कस्टम प्रक्रियाओं को आसान करने पर भी सहमति बनी थी। पाकिस्तान के रेलवे मंत्री और ईरान के राजदूत ने भी कनेक्टिविटी बढ़ाने पर चर्चा की है।

मुख्य बिंदु विवरण
व्यापार लक्ष्य 10 अरब डॉलर
प्रमुख बंदरगाह Chabahar, Gwadar, Karachi, Port Qasim
बॉर्डर क्रॉसिंग Gabd और Taftan
सहयोग दस्तावेज 12 महत्वपूर्ण एग्रीमेंट

Federation of Pakistan Chambers of Commerce and Industry (FPCCI) ने इस बात पर जोर दिया है कि व्यापार बढ़ाने के लिए बॉर्डर मैनेजमेंट को आधुनिक बनाना और कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स को ठीक करना जरूरी है। इससे व्यापारियों को सामान भेजने में कम दिक्कत आएगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और पाकिस्तान ने व्यापार का क्या लक्ष्य रखा है?

दोनों देशों ने आने वाले कुछ वर्षों में अपने द्विपक्षीय व्यापार को 10 अरब डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य तय किया है।

इस समझौते में कौन से बंदरगाह शामिल हैं?

इस सहयोग में ईरान का Chabahar Free Zone और पाकिस्तान के Gwadar, Karachi और Port Qasim बंदरगाह शामिल हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.