ईरान और अमेरिका के बीच तनाव को खत्म करने के लिए पाकिस्तान एक बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है। ईरान के राजदूत ने इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान की मदद के लिए उनका धन्यवाद किया है। लेकिन इसी बीच अमेरिका की तरफ से एक बड़ा झटका लगा है जिससे बातचीत की उम्मीदों पर असर पड़ा है।

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ईरान और पाकिस्तान के बीच क्या बातचीत हुई

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने 25 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान का दौरा किया जिसे उन्होंने काफी सफल बताया। इस दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने क्षेत्रीय शांति के लिए मिलकर काम करने का वादा किया। ईरान की मुख्य मांग यह है कि अमेरिका पहले उस पर लगी पाबंदियों को हटाए, उसके बाद ही नई बातचीत शुरू हो सकती है। फिलहाल पाकिस्तान के जरिए ही दोनों देशों के बीच संदेश भेजे जा रहे हैं।

ट्रंप ने अचानक क्यों रद्द किया दूतों का दौरा

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 26 अप्रैल 2026 को ऐलान किया कि उनके दूत Steve Witkoff और Jared Kushner अब इस्लामाबाद नहीं जाएंगे। ट्रंप ने कहा कि बातचीत में कोई खास प्रगति नहीं दिख रही है, इसलिए उन्होंने यह यात्रा रद्द कर दी है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ईरान वाकई बात करना चाहता है, तो वह खुद फोन कर सकता है।

किन अन्य देशों की इसमें भूमिका है

  • Qatar और Saudi Arabia: ईरानी विदेश मंत्री ने 26 अप्रैल को इन दोनों देशों के विदेश मंत्रियों से फोन पर चर्चा की है।
  • Oman: ओमान पहले से ही मध्यस्थता कर रहा है और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के मसले पर बातचीत जारी है।
  • Pakistan: पाकिस्तान के अधिकारियों की मदद से ईरान ने अमेरिका को लिखित संदेश भेजे हैं, जिससे पता चलता है कि निचले स्तर पर बातचीत अब भी चल रही है।