ईरान के प्रतिनिधिमंडल ने इस्लामाबाद में हाई-लेवल मीटिंग के बाद अपनी मांगों की लिस्ट पाकिस्तानी नेताओं को सौंप दी है. यह कदम अमेरिका और इसराइल के साथ चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए उठाया गया है. पाकिस्तान इस समय एक बिचौलिए की भूमिका निभा रहा है ताकि दोनों देशों के बीच संदेश पहुँचाया जा सके.
ईरान ने पाकिस्तान में किन नेताओं से मुलाकात की और क्या कहा
- ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ Field Marshal Asim Munir और प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif के साथ बैठक की.
- ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने साफ किया कि इस दौरे के दौरान ईरान और अमेरिका के बीच कोई सीधी मुलाकात नहीं होगी.
- दोनों देशों के बीच बातचीत के लिए पाकिस्तानी अधिकारी संदेश पहुँचाने का काम करेंगे.
- ईरान ने यह भी संकेत दिया कि वह बहुत ज़्यादा सख्त या अधिकतम मांगों को स्वीकार नहीं करेगा.
- ईरान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका युद्ध से बाहर निकलने का सम्मानजनक रास्ता खोज रहा है.
अमेरिका का क्या रुख है और युद्ध रोकने के लिए क्या शर्तें हैं
- राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि ईरान अमेरिका को एक ऐसा ऑफर दे सकता है जो वॉशिंगटन की मांगों को पूरा करे.
- ट्रंप ने साफ किया कि किसी भी डील के लिए ईरान को अपना समृद्ध यूरेनियम छोड़ना होगा और Strait of Hormuz से तेल की आवाजाही बिना किसी रुकावट के होनी चाहिए.
- अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने चेतावनी दी कि ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक कोई समझौता नहीं हो जाता.
- उन्होंने यह भी कहा कि अगर ईरान ने डील करने से इनकार किया तो सैन्य हमले फिर से शुरू हो सकते हैं.
- शांति वार्ता के लिए अमेरिकी दूत Steve Witkoff और Jared Kushner के भी इस्लामाबाद पहुँचने की उम्मीद थी.
क्षेत्र में मौजूदा स्थिति और अन्य अपडेट्स
- 25 अप्रैल 2026 को तेहरान के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से कमर्शियल उड़ानें फिर से शुरू हो गई हैं.
- पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा कारणों से एक हफ्ते से ज़्यादा समय तक कड़ी नाकेबंदी रही.
- अमेरिकी नौसेना Strait of Hormuz में बारूदी सुरंगों को हटाने का काम कर रही है.
- ईरान ने अपने फंसे हुए सामान को पहुँचाने के लिए ज़मीनी रास्तों की तलाश शुरू कर दी है क्योंकि अमेरिकी नेवी ने बंदरगाहों को ब्लॉक कर रखा है.