पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल Asim Munir एक बड़े पाकिस्तानी डेलीगेशन के साथ ईरान पहुंचे हैं। वहां उनका स्वागत ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने किया। यह दौरा अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को कम करने और शांति स्थापित करने के लिए किया गया है। दोनों देशों के बीच रिश्तों को सुधारने के लिए पाकिस्तान एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।

पाकिस्तान की भूमिका और शांति वार्ता का मकसद क्या है?

पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का जरिया बन रहा है। हाल ही में इस्लामाबाद में बातचीत हुई थी, लेकिन वहां कोई बड़ा नतीजा नहीं निकल पाया था। अब फील्ड मार्शल मुनीर ईरान जाकर अमेरिका का संदेश वहां की सरकार तक पहुंचाएंगे। इससे उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच बातचीत का दूसरा दौर जल्द शुरू हो सके और क्षेत्र में स्थिरता आए।

इस दौरे की मुख्य बातें और आधिकारिक अपडेट

ईरान के विदेश मंत्री ने पाकिस्तान का शुक्रिया अदा किया क्योंकि उसने बातचीत के लिए मेजबानी की। दोनों देशों ने कहा कि वे क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इससे पहले 8 अप्रैल को भी ईरान ने प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और फील्ड मार्शल मुनीर की कोशिशों की तारीफ की थी, जिससे अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम हो पाया था।

विवरण जानकारी
मुख्य नेतृत्व फील्ड मार्शल Asim Munir
स्वागतकर्ता Seyed Abbas Araghchi (ईरान विदेश मंत्री)
दौरे की तारीख 15 अप्रैल, 2026
मुख्य मकसद अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में मध्यस्थता
डेलीगेशन सदस्य आंतरिक मंत्री Mohsin Naqvi