ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कलीबाफ़ (Mohammad Bagher Ghalibaf) ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत से साफ़ इनकार कर दिया है। उन्होंने सोमवार 23 मार्च 2026 को कहा कि मीडिया में चल रही ये खबरें पूरी तरह से झूठी हैं। कलीबाफ़ के अनुसार ऐसी अफवाहें सिर्फ ग्लोबल तेल बाज़ार में हेरफेर करने और कीमतों को प्रभावित करने के लिए फैलाई जा रही हैं।

क्या अमेरिका और ईरान के बीच कोई गुप्त समझौता हुआ है?

हाल ही में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया था कि अमेरिका और ईरान के बीच काफी मज़बूत बातचीत हुई है और दोनों पक्ष कई अहम बिंदुओं पर सहमत हो गए हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि उनके दूत Steve Witkoff और Jared Kushner ईरान के एक बड़े अधिकारी से मिले हैं। हालांकि मोहम्मद बाकिर कलीबाफ़ ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि ईरान ने फिलहाल किसी भी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।

ईरान सरकार का इस मुद्दे पर आधिकारिक पक्ष क्या है?

ईरान के सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। ईरान के अधिकारियों ने बातचीत से जुड़ी कुछ अहम बातें साझा की हैं जो नीचे दी गई हैं:

  • ईरान ने साफ़ किया है कि वाशिंगटन की ओर से मीटिंग के लिए अनुरोध आया था।
  • तेहरान ने अमेरिका के इस मीटिंग वाले प्रस्ताव पर अभी तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है।
  • कलीबाफ़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इन खबरों को फेक न्यूज़ करार दिया।
  • ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वे अपनी नीतियों पर कायम हैं और किसी दबाव में नहीं आएंगे।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर की नज़रें अमेरिका और ईरान के रिश्तों पर टिकी हुई हैं। ईरान का कहना है कि जब तक आधिकारिक तौर पर कुछ तय नहीं होता तब तक ऐसी खबरों को सिर्फ भ्रम फैलाने का ज़रिया माना जाना चाहिए।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.