ईरान के संसद अध्यक्ष ने अमेरिका को दी दो टूक, कहा प्रतिबंधों से कोई असर नहीं पड़ेगा.

ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने अमेरिका की आर्थिक धमकियों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका अब इस स्थिति में नहीं है कि वह अन्य देशों के साथ ईरान के संबंधों को और अधिक सीमित कर सके। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
अमेरिका की नई आर्थिक कार्रवाई और ईरान का रुख
हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक नए सख्त आर्थिक अभियान की घोषणा की थी। इसके साथ ही अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने 'Operation Economic Outcast' नाम से एक अभियान शुरू किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ईरान के वैश्विक वित्तीय संबंधों को पूरी तरह से काटना और उन देशों को अमेरिकी डॉलर प्रणाली से बाहर करना है जो मनी लॉन्ड्रिंग में मदद कर रहे हैं। इन सबके बावजूद ईरानी अधिकारियों ने अमेरिकी कदमों को पूरी तरह से बेअसर बताया है।
ईरानी अधिकारियों की तीखी प्रतिक्रिया
ईरान के केंद्रीय बैंक के गवर्नर Abdolnaser Hemmati ने कहा कि वॉशिंगटन के पास प्रतिबंध लगाने की क्षमता अब खत्म हो चुकी है। वहीं रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के प्रवक्ता Sardar Mohebi और सांसद Ebrahim Rezaei ने इस अमेरिकी कदम को उसकी सैन्य हार की स्वीकृति करार दिया है। इसके अलावा ईरान के एक वरिष्ठ खुफिया अधिकारी ने यह भी सुझाव दिया कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य केवल आम ईरानी जनता पर मानसिक दबाव बनाना है। दूसरी ओर इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने इस अमेरिकी पहल का समर्थन किया और राष्ट्रपति ट्रंप तथा सचिव बेसेंट को बधाई दी। इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी आप ANI News और इस लिंक पर देख सकते हैं।