ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने अमेरिका और इजरायल को लेकर बहुत सख्त बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान इस युद्ध को किसी भी हमलावर देश के लिए एक बहुत बड़ा सबक बना देगा। Ghalibaf ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह एक तरफ कूटनीति की बातें कर रहा है और दूसरी तरफ गुप्त रूप से जमीनी हमले की योजना बना रहा है। इस बयान के बाद पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध एक नए मोड़ पर आता दिख रहा है।
Ghalibaf ने अपनी चेतावनी में और क्या बातें कहीं?
ईरानी स्पीकर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी सेना अमेरिकी सैनिकों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी सैनिक ईरान में आते हैं, तो उन्हें कड़ी सजा दी जाएगी। Ghalibaf के मुताबिक, इजरायल पर होने वाली जवाबी कार्रवाई से वहां की सुरक्षा व्यवस्था और तेजी से कमजोर होगी। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अब युद्ध और छोटे-छोटे समय के लिए होने वाले युद्धविराम के सिलसिले को बर्दाश्त नहीं करेगा और इस बार ऐतिहासिक जीत हासिल करने की कोशिश करेगा।
ईरान और अमेरिका के बीच मौजूदा स्थिति के मुख्य बिंदु
| मुद्दा | विवरण |
|---|---|
| अमेरिकी सैनिकों पर हमला | ईरानी सेना अमेरिकी सैनिकों और उनके सहयोगियों को सजा देने के लिए तैयार |
| इजरायल का नुकसान | इजरायली सैन्य बल के तेजी से खत्म होने की चेतावनी दी गई |
| अमेरिका का दावा | JD Vance ने कहा कि अमेरिका ने अपने ज्यादातर सैन्य उद्देश्य पूरे कर लिए हैं |
| अगली बैठक | 29 मार्च 2026 को पाकिस्तान में जंग रोकने के लिए देशों की बैठक प्रस्तावित |
| टारगेट की चेतावनी | ईरानी संस्थानों पर हमले हुए तो अमेरिकी शैक्षणिक केंद्र भी निशाने पर हो सकते हैं |
इस तनाव का पूरे क्षेत्र पर क्या असर हो सकता है?
ईरान के इस सख्त रुख से साफ है कि वह अंतरराष्ट्रीय दबाव में पीछे हटने को तैयार नहीं है। संसद के स्पीकर ने जनता और सेना के बलिदानों का जिक्र करते हुए कहा कि वे बाहरी देशों की शर्तें नहीं मानेंगे। इसी बीच अमेरिकी मरीन सैनिक क्षेत्र में पहुंच चुके हैं और हूती विद्रोही भी इस संघर्ष का हिस्सा बन गए हैं। इस स्थिति में खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और वहां यात्रा करने वालों के लिए आने वाले दिन काफी महत्वपूर्ण हो सकते हैं, क्योंकि तनाव कम होने के बजाय बढ़ता हुआ दिख रहा है।
