ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Qalibaf ने पोप लियो XIV के साहस की जमकर सराहना की है। पोप ने अमेरिका और इसराइल द्वारा किए जा रहे युद्ध अपराधों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है। ईरान का कहना है कि मासूम लोगों की जान बचाने के लिए पोप का यह स्टैंड उन सभी लोगों के लिए रास्ता दिखाता है जो अन्याय के खिलाफ चुप नहीं रहना चाहते।

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पोप लियो XIV ने युद्ध और शांति पर क्या कहा?

पोप लियो XIV ने अमेरिका और इसराइल के बीच चल रहे युद्ध की कड़ी निंदा की और इसे पूरी मानवता के लिए एक शर्मनाक घटना बताया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ईश्वर किसी भी तरह के संघर्ष को आशीर्वाद नहीं देता और इस युद्ध के पागलपन को तुरंत खत्म करना चाहिए। पोप ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें ट्रंप प्रशासन का कोई डर नहीं है और उनका मिशन राजनीति नहीं बल्कि धार्मिक सिद्धांतों पर आधारित है।

डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच विवाद की वजह क्या थी?

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने पोप लियो की आलोचना करते हुए उन्हें कमजोर बताया और कहा कि उनकी विदेश नीति सही नहीं है। इस बयान के बाद ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और ईरानी विदेश मंत्रालय ने ट्रंप की कड़ी निंदा की। ईरान का कहना है कि पोप का अपमान करना न केवल अमानवीय है बल्कि यह शांति और न्याय की वकालत करने वालों पर हमला है। इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni और अमेरिकी कैथोलिक बिशप्स ने भी ट्रंप के बयानों को अस्वीकार्य बताया।

विवाद से जुड़े मुख्य बयानों की पूरी जानकारी

व्यक्ति/संस्था प्रमुख बयान
Mohammad Bagher Qalibaf पोप का स्टैंड उन लोगों के लिए रोशनी है जो मासूमों की हत्या पर चुप नहीं रहते।
पोप लियो XIV ईश्वर किसी भी संघर्ष को आशीर्वाद नहीं देता, युद्ध को तुरंत रोकना होगा।
Donald Trump पोप लियो अपराध के मामले में कमजोर हैं और विदेश नीति के लिए बेकार हैं।
Esmail Baghaei पोप का अपमान करना शांति और मानवता की वकालत पर सीधा हमला है।
Giorgia Meloni शांति की अपील करना और युद्ध की निंदा करना पोप का सही और सामान्य अधिकार है।
Archbishop Paul S. Coakley पोप कोई राजनीतिज्ञ या प्रतिद्वंदी नहीं बल्कि ईसा मसीह के प्रतिनिधि हैं।

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव की ताजा स्थिति क्या है?

पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के लिए हुई बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई। इसके बाद 13 अप्रैल 2026 को अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी करने की धमकी दी। जवाब में ईरान ने भी चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने लड़ाई शुरू की तो ईरान भी डटकर मुकाबला करेगा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.