ईरान और इसराइल के बीच चल रहा तनाव अब एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ ने अमेरिका और इसराइल को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अब बातचीत का समय खत्म हो चुका है। उन्होंने साफ किया कि ईरान अपनी रक्षा के लिए सीधे टकराव के रास्ते पर जाने से भी पीछे नहीं हटेगा। इस बीच ईरान ने दावा किया है कि इसराइल के हमलों के खिलाफ उनका ‘राष्ट्रीय जिहाद’ पिछले 100 दिनों से जारी है और उनके देश ने दुश्मनों के दांत खट्टे कर दिए हैं।

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ईरान के संसद अध्यक्ष ने क्या बड़ा बयान दिया?

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ईरान की जीवन रेखा को बचाने के लिए शुरू हुए राष्ट्रीय जिहाद को 100 दिन बीत चुके हैं। उन्होंने अपनी सेना और देश की जनता की तारीफ करते हुए कहा कि आपने ईरान की पीठ मजबूत की है और दुश्मनों को पस्त किया है। गालिबफ ने अमेरिका और इसराइल को ‘खूंखार भेड़िया’ बताते हुए कहा कि वे केवल ताकत की भाषा समझते हैं और वे किसी संघर्षविराम या बातचीत में बिल्कुल भी विश्वास नहीं रखते हैं।

मध्य पूर्वी देशों में क्यों बढ़ रहा है युद्ध का खतरा?

पिछले कुछ दिनों में इसराइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत और उसके दक्षिणी हिस्सों में लगातार हवाई हमले किए हैं। इसके जवाब में ईरान ने भी इसराइल की तरफ मिसाइलें दागी हैं। इस पूरे घटनाक्रम पर निम्नलिखित बड़ी बातें सामने आई हैं:

  • ईरान की जवाबी कार्रवाई: ईरानी सेना ने घोषणा की है कि उनकी पहली लहर के हमले पूरे हो चुके हैं, लेकिन अगर इसराइल ने लेबनान या अन्य क्षेत्रों में अपनी हरकतें बंद नहीं कीं, तो वे और भी भयानक कदम उठाएंगे।
  • अमेरिका की भूमिका: ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा है कि इसराइल द्वारा मध्य पूर्व में बढ़ाए जा रहे इस तनाव के लिए पूरी तरह से अमेरिका जिम्मेदार है।
  • गठबंधन की चेतावनी: ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहम्मद बागेर जोलगाद्र ने सख्त लहजे में कहा है कि अगर विरोधी गठबंधन ने कोई भी बड़ी गलती की, तो यह पूरा इलाका नर्क बन जाएगा।

क्या शांति स्थापित करने की कोशिशें चल रही हैं?

हालाँकि जमीनी स्तर पर तनाव बहुत अधिक है, लेकिन राजनयिक स्तर पर भी कुछ हलचल देखी गई है। अमेरिका ने ईरान को एक संदेश भेजा है जिसमें कहा गया है कि अगर ईरान अपने मिसाइल हमले रोकता है, तो इसराइल भी अपने हमलों को पूरी तरह रोक देगा। इसराइल भी अस्थायी रूप से शांत रहने पर सहमत हुआ है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी दोनों पक्षों से दुश्मनी खत्म करने और शांति की ओर कदम बढ़ाने की बात कही है। लेकिन ईरान के नेताओं का कहना है कि जब तक अमेरिका और इसराइल वास्तव में भरोसा बनाने की कोशिश नहीं करेंगे, तब तक ईरान का रुख नहीं बदलेगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और इसराइल के बीच यह नया तनाव कब शुरू हुआ?

ईरान के संसद अध्यक्ष के बयानों के अनुसार, यह संघर्ष मार्च 2026 की शुरुआत में तेज हुआ था, जिसे अब 100 से अधिक दिन पूरे हो चुके हैं।

तनाव को रोकने के लिए अमेरिका ने ईरान को क्या संदेश दिया है?

अमेरिका ने ईरान से कहा है कि यदि वह अपने मिसाइल हमलों को रोक देता है, तो इसराइली हमलों को भी रोक दिया जाएगा और इसराइल इसके लिए अस्थायी रूप से तैयार है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.