ईरान में इंटरनेट कनेक्टिविटी को लेकर एक बड़ी खबर आई है। इंटरनेट पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था NetBlocks ने पुष्टि की है कि ईरान में आंशिक रूप से इंटरनेट सेवा को बहाल कर दिया गया है। यह आंशिक बहाली पूरे 88 दिनों के ऐतिहासिक और दुनिया के सबसे लंबे इंटरनेट ब्लैकआउट के बाद देखी गई है। हालांकि, राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के आदेश के बाद शुरू हुई इस बहाली प्रक्रिया पर ईरान की न्यायपालिका ने फिर से रोक लगा दी है, जिससे आम जनता के बीच संशय की स्थिति बनी हुई है।

ईरान में इंटरनेट बहाली को लेकर क्या है पूरा मामला?

ईरान में इंटरनेट बंद होने की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी, जब ईरान का इसराइल और अमेरिका के साथ विवाद बढ़ा था। इससे पहले जनवरी 2026 में देश के भीतर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण कुछ पाबंदियां लगाई गई थीं। लगातार 2,093 घंटों तक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से कटे रहने के बाद, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने 25 मई 2026 को इंटरनेट दोबारा शुरू करने का आदेश जारी किया था। इसके अगले ही दिन 26 मई को आंशिक रूप से इंटरनेट चालू होने के संकेत मिले हैं।

सरकार और न्यायपालिका के बीच क्यों शुरू हुआ नया विवाद?

इंटरनेट की वापसी को लेकर ईरान के सरकारी विभागों और अदालत के बीच मतभेद देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां सरकार की प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने कहा कि सरकार लोगों के इस अधिकार को वापस दिलाने के लिए काम कर रही है, वहीं ईरान के संचार मंत्री सत्तार हाशमी ने माना कि लंबे समय तक इंटरनेट बंद रहने से देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था और ऑनलाइन बिजनेस को भारी नुकसान पहुंचा है।

लेकिन इस बीच नया मोड़ तब आया जब ईरान की न्यायपालिका ने 26 मई 2026 को राष्ट्रपति के उस फैसले और कमेटी को सस्पेंड कर दिया जो इंटरनेट बहाली के आदेश पर काम कर रही थी। इसके लिए कोर्ट में दायर कुछ शिकायतों का हवाला दिया गया है। अब इंटरनेट बहाली का अंतिम फैसला सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के हाथ में है, जिससे यह साफ नहीं हो पा रहा है कि इंटरनेट पूरी तरह से कब चालू होगा।

इस पाबंदी पर देश के बड़े अधिकारियों की क्या राय है?

  • मोहम्मद रजा आरिफ (प्रथम उपराष्ट्रपति): इन्होंने इंटरनेट बंद करने के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि हम लोगों पर भरोसा किए बिना उनकी मदद करने की बात नहीं कर सकते।
  • होसैल सिमाई सराफ (विज्ञान और अनुसंधान मंत्री): इन्होंने चेतावनी दी कि इंटरनेट बंद रखना देश की वैज्ञानिक रिसर्च के लिए बड़ा नुकसान है और यह देश के हित में नहीं है।
  • साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ: तेहरान के एक एक्सपर्ट ने बताया कि साइबर हमलों से सुरक्षा के नाम पर इंटरनेट बंद करने से फायदे के बजाय देश को आर्थिक और तकनीकी नुकसान ज्यादा हुआ है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान में इतने लंबे समय तक इंटरनेट क्यों बंद रखा गया था?

ईरान में इसराइल और अमेरिका के साथ युद्ध छिड़ने के बाद सुरक्षा कारणों का हवाला देकर 28 फरवरी 2026 को इंटरनेट पूरी तरह बंद कर दिया गया था, जो करीब 88 दिनों तक बंद रहा।

क्या ईरान में इंटरनेट सेवा अब पूरी तरह चालू हो गई है?

नहीं, अभी केवल आंशिक रूप से इंटरनेट सेवा बहाल हुई है। न्यायपालिका द्वारा बहाली प्रक्रिया पर रोक लगाने के कारण पूर्ण सेवा शुरू होने पर अभी भी असमंजस बना हुआ है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.