ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुष्टि की है कि 2 अप्रैल 2026 को पाश्चर इंस्टीट्यूट ऑफ ईरान पर हमला हुआ है। यह संस्थान ईरान और मध्य पूर्व का सबसे पुराना और प्रतिष्ठित अनुसंधान केंद्र माना जाता है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने इस हमले को मानवीय मूल्यों पर प्रहार बताया है। इस घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है और ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है।

हमले में कितना नुकसान हुआ और अधिकारियों ने क्या कहा?

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता होसैन किरमानपुर के मुताबिक इस हमले में पाश्चर इंस्टीट्यूट की इमारत को बहुत अधिक नुकसान पहुंचा है। संस्थान के कुछ हिस्से पूरी तरह मलबे में बदल गए हैं। अधिकारियों ने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा पर एक बड़ा हमला बताया है। ईरान का दावा है कि यह हमला जिनेवा कन्वेंशन और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का सीधा उल्लंघन है। इसके साथ ही इस संस्थान की स्थापना 1920 में हुई थी जो पूरे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।

ईरान की ओर से जारी की गई प्रमुख चेतावनियां और प्रतिक्रियाएं

  • ईरान के सैन्य कमांड सेंटर खातम अल-अंबिया ने कहा है कि अमेरिका और इजरायल को भविष्य में बड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहना चाहिए।
  • सेना प्रमुख अब्दुल रहीम हातमी ने मुख्यालयों को आदेश दिया है कि वे दुश्मन की हर हरकत पर पैनी नज़र रखें।
  • ईरान के विदेश मंत्रालय ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और रेड क्रॉस (ICRC) से इस घटना की जांच करने और पुनर्निर्माण में मदद की मांग की है।
  • IAEA में ईरान के दूत रज़ा नजफी ने कहा है कि बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट पर कोई भी हमला युद्ध अपराध की श्रेणी में आएगा।
  • ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है और हालात पर निगरानी रखी जा रही है।
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.