ईरान के मशहूर पाश्चर इंस्टीट्यूट पर अमेरिका और इसराइल ने हमले किए थे। अब दुनिया की बड़ी मेडिकल जर्नल The Lancet ने चेतावनी दी है कि इस हमले से पूरे इलाके की स्वास्थ्य सुरक्षा को खतरा हो सकता है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने भी माना है कि भारी नुकसान के बाद यह संस्थान अब स्वास्थ्य सेवाएं देने की स्थिति में नहीं है।
पाश्चर इंस्टीट्यूट में क्या हुआ और WHO ने क्या कहा?
मार्च और अप्रैल 2026 के आखिर में हुए हवाई हमलों में पाश्चर इंस्टीट्यूट को काफी नुकसान पहुँचा। World Health Organization (WHO) ने पुष्टि की कि यह संस्थान अब स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए काम नहीं कर पा रहा है। WHO के डायरेक्टर-जनरल डॉ. टेड्रोस ने बताया कि ईरान की राजधानी के कई हेल्थ सेंटर्स को निशाना बनाया गया जिससे सेवाओं में रुकावट आई। WHO ने यह भी साफ किया कि मेडिकल सुविधाओं पर हमला करना जेनेवा कन्वेंशन के खिलाफ है और इसे युद्ध अपराध माना जाता है।
ईरान सरकार और अधिकारियों का इस पर क्या कहना है?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने इस हमले को बहुत क्रूर और बर्बर बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक युद्ध अपराध नहीं है बल्कि बुनियादी मानवीय मूल्यों पर हमला है। वहीं ईरान के स्वास्थ्य मंत्री Mohammad-Reza Zafarghandi ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा पर सीधा हमला और एक बड़ी आपदा करार दिया। उन्होंने कहा कि यह हमला ईरान की वैज्ञानिक तरक्की को रोकने की कोशिश है और फिलहाल संस्थान को फिर से ठीक करने का काम चल रहा है।
संस्थान की मौजूदा हालत और जानकारों की राय क्या है?
पाश्चर इंस्टीट्यूट के मैनेजमेंट ने जानकारी दी कि उन्होंने पहले से तैयारी कर रखी थी, इसलिए जांच का मुख्य काम इसकी दूसरी शाखाओं में जारी है। संस्थान के प्रमुख ने बताया कि युद्ध की शुरुआत से अब तक इस सेंटर को तीन बार निशाना बनाया गया। कई अंतरराष्ट्रीय जानकारों और स्कॉलर्स ने दुनिया भर के स्वास्थ्य समुदायों से मांग की है कि संस्थान की लैब और वैक्सीन बनाने की क्षमता को जल्द से जल्द बहाल किया जाए ताकि आने वाले समय में किसी बड़ी स्वास्थ्य आपदा से बचा जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पाश्चर इंस्टीट्यूट ऑफ ईरान क्या है?
यह ईरान का एक सौ साल पुराना और बहुत महत्वपूर्ण पब्लिक हेल्थ संस्थान है। यह वैक्सीन बनाने, बीमारियों की रिसर्च करने और आउटब्रेक के समय रिस्पांस देने का काम करता है।
संस्थान पर हमला कब हुआ था?
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और इसराइल के हमलों में संस्थान को मार्च 2026 के अंत और अप्रैल 2026 की शुरुआत में भारी नुकसान पहुँचा था।
