ईरान ने अपने देश पर थोपे गए युद्ध को खत्म करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री Ali Bagheri Kani ने पाकिस्तान को एक शांति प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव के जरिए ईरान अमेरिका के साथ चल रहे तनाव को पूरी तरह खत्म करना चाहता है ताकि देश में शांति लौट सके।

ईरान के इस शांति प्रस्ताव में क्या है?

ईरान ने यह प्रस्ताव 1 मई 2026 को पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुँचाया। इसमें मुख्य रूप से दो चरणों वाली योजना बताई गई है। पहले चरण में ईरान Strait of Hormuz को फिर से खोलने और लड़ाई रोकने की बात कर रहा है। इसके बाद दूसरे चरण में ईरान के परमाणु कार्यक्रम (nuclear program) पर चर्चा करने की बात कही गई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने साफ किया कि युद्ध को खत्म करना और स्थायी शांति बनाना तेहरान की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप का इस पर क्या कहना है?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस प्रस्ताव पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। ट्रंप ने सार्वजनिक तौर पर कहा कि वह इस प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं और इसमें कुछ ऐसी शर्तें हैं जिनसे वह सहमत नहीं हो सकते। हालांकि, ट्रंप युद्ध की वापसी को रोकना चाहते हैं और समझौते को प्राथमिकता दे रहे हैं। वहीं White House ने कहा कि कोई भी डील तभी होगी जब वह ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोक सके और अमेरिका की सुरक्षा पक्की हो।

यह पूरा विवाद आखिर शुरू कैसे हुआ?

यह संघर्ष 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था जब अमेरिका और Israel ने ईरान पर हमले किए थे। इसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की और Strait of Hormuz को बंद कर दिया। 13 अप्रैल 2026 को अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी कर दी थी, जिससे दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई पर बुरा असर पड़ा। फिलहाल 8 अप्रैल 2026 से युद्ध विराम (ceasefire) लागू है, लेकिन दोनों देशों के बीच स्थायी समझौता अभी तक नहीं हो पाया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने शांति प्रस्ताव किसे भेजा है?

ईरान ने यह प्रस्ताव पाकिस्तान को भेजा है, जो अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ (mediator) की भूमिका निभा रहा है।

इस विवाद का मुख्य कारण क्या है?

यह विवाद फरवरी 2026 में अमेरिका और इसराइल के हमलों के बाद शुरू हुआ, जिसके बाद ईरान ने Strait of Hormuz को बंद कर दिया और अमेरिका ने बंदरगाहों की घेराबंदी की।