ईरान के मार्वदाश्त शहर में स्थित एक बड़े पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर हमला हुआ है। ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक यह हमला अमेरिका और इसराइल की सेनाओं ने किया है। पिछले 24 घंटों के भीतर ईरान के तेल और गैस ठिकानों पर यह दूसरा बड़ा हमला बताया जा रहा है। इस घटना के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) में तनाव काफी बढ़ गया है, जिससे वहां रहने वाले प्रवासी भारतीयों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर पड़ने की संभावना है।

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ईरान में हुए हमलों और आधिकारिक बयानों की पूरी जानकारी

इस हमले के बाद ईरान, इसराइल और अमेरिका की ओर से बड़े बयान सामने आए हैं। जमीन पर फिलहाल हालात इस तरह बने हुए हैं:

  • ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि मार्वदाश्त प्लांट में लगी आग पर काबू पा लिया गया है और वहां कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई है।
  • इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने कहा है कि उनकी सेना ईरान के बुनियादी ढांचे पर पूरी ताकत से हमले जारी रखेगी ताकि आर्थिक चोट पहुंचाई जा सके।
  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर मंगलवार शाम तक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) नहीं खुला, तो ईरान के पावर प्लांट और पुलों को निशाना बनाया जा सकता है।
  • ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी है कि परमाणु केंद्रों के पास हमलों से पूरे क्षेत्र में रेडियोधर्मी प्रदूषण फैल सकता है।

यूएई और पड़ोसी देशों पर इस संघर्ष का प्रभाव

इस सैन्य संघर्ष का असर अब पड़ोसी देशों पर भी दिखने लगा है। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि उन्होंने ईरान की ओर से दागी गई 12 बैलिस्टिक मिसाइलों और 19 ड्रोन को हवा में ही मार गिराया है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि हवाई मार्ग और सुरक्षा व्यवस्था पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।

स्थान/एजेंसी मुख्य घटनाक्रम
यूएई (UAE) मिसाइल और ड्रोन हमले को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया गया
तेहरान और कोम हवाई हमलों में कई लोगों की मौत की खबर सामने आई है
ओमान (Oman) तनाव कम करने के लिए ईरान के साथ आपातकालीन बातचीत की गई
IAEA पुशेहर परमाणु प्लांट के पास हमले की पुष्टि की लेकिन प्लांट सुरक्षित है

क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पाकिस्तान और मिस्र जैसे देश भी वाशिंगटन और तेहरान के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं। पाकिस्तान ने सीजफायर का एक प्रस्ताव भी दोनों देशों को भेजा है, हालांकि ईरान ने अस्थायी युद्धविराम के लिए समुद्री रास्ता खोलने से मना कर दिया है।