भारत के गुरुग्राम में चल रही 11वीं BRICS ऊर्जा मंत्रियों की बैठक में ईरान ने अपनी बड़ी योजनाएं साझा की हैं। ईरान के पेट्रोलियम मंत्री मोहसेन पाकनेजाद ने भारत को फिर से कच्चा तेल और LPG भेजने की इच्छा जताई है। अमेरिका द्वारा दिए गए 60 दिनों के विशेष छूट (waiver) के बाद अब भारत के लिए सस्ता तेल पाना आसान हो सकता है।

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बैठक के दौरान पाकनेजाद ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच हुई एक हालिया समझ के बाद कच्चे तेल के निर्यात पर प्रतिबंधों में 60 दिन की छूट मिली है। यह भारत जैसे देशों के लिए बहुत अच्छा मौका है क्योंकि इससे तेल की सप्लाई बढ़ेगी और दाम कम हो सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि पैसे के लेन-देन (payment mechanism) को लेकर अभी भी कुछ उलझनें हैं, जिन्हें सुलझाना जरूरी है।

क्षेत्रीय सुरक्षा और हमलों पर चिंता

ईरान के मंत्री ने पश्चिम एशिया की सुरक्षा पर बात करते हुए कहा कि इस इलाके में शांति तभी आएगी जब विदेशी सेनाएं और अमेरिकी सैन्य ठिकाने यहाँ से हटेंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी उन्हीं देशों की होनी चाहिए जो यहाँ रहते हैं।

पाकनेजाद ने ईरान के तेल, गैस और पेट्रोकेमिकल प्लांट पर होने वाले हमलों को “तीसरा थोपा गया युद्ध” बताया। उन्होंने कहा कि ये हमले सिर्फ एक देश पर नहीं बल्कि पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा पर हमला हैं। इन हमलों की वजह से सप्लाई चेन खराब हुई है और ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतें बढ़ी हैं, जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है।

ऊर्जा की मांग और भविष्य

मंत्री ने चेतावनी दी कि अगर दुनिया बहुत जल्दी जीवाश्म ईंधन (fossil fuels) को खत्म करने की कोशिश करेगी, तो गरीब देशों में ऊर्जा की कमी हो जाएगी। उन्होंने OPEC की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 2050 तक दुनिया की कुल ऊर्जा मांग का 53% हिस्सा तेल और प्राकृतिक गैस से ही पूरा होगा।

ईरान ने अपनी क्षमता बताते हुए कुछ अहम आंकड़े साझा किए हैं:

विवरण आंकड़ा/क्षमता
प्राकृतिक गैस उत्पादन (2025) 280 अरब क्यूबिक मीटर से ज्यादा
वैश्विक गैस उत्पादन में हिस्सेदारी लगभग 7%
कच्चे तेल का उत्पादन 42 लाख बैरल प्रतिदिन
तेल रिफाइनिंग क्षमता 24 लाख बैरल प्रतिदिन
2050 तक तेल और गैस की मांग 53% से अधिक
अमेरिकी प्रतिबंधों में छूट 60 दिन का समय

BRICS देशों के साथ सहयोग

पाकनेजाद ने BRICS देशों के बीच तेल, गैस, अक्षय ऊर्जा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में गहरी साझेदारी की वकालत की। उन्होंने कहा कि BRICS देशों के पास दुनिया का सबसे बड़ा ऊर्जा भंडार और तकनीक है, जिसका फायदा सभी को मिलना चाहिए।

इस बैठक के दौरान ईरान के मंत्री ने भारत के मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ अलग से मुलाकात भी की। इस बैठक में तेल, गैस और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में आपसी सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा की गई। भारत इस समय BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और इस बैठक का मुख्य उद्देश्य “सभी के लिए ऊर्जा” सुनिश्चित करना है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.