Iran News: ईरानी फोटो पत्रकार याल्दा मोएरी को 15 साल की जेल, अमेरिका और इजराइल के समर्थन का लगा गंभीर आरोप.

Nura Basta13 August 20262 min read50 viewsWorld
Iran News: ईरानी फोटो पत्रकार याल्दा मोएरी को 15 साल की जेल, अमेरिका और इजराइल के समर्थन का लगा गंभीर आरोप.

ईरान की राजधानी तेहरान से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ देश की जानी-मानी फोटो पत्रकार याल्दा मोएरी को अदालत ने कुल 15 साल की लंबी जेल की सजा सुनाई है। ईरानी अधिकारियों ने उन पर यह गंभीर आरोप लगाया है कि उन्होंने अमेरिका और इजराइल के हितों को आगे बढ़ाने वाली गतिविधियों में हिस्सा लिया था। इस मामले की सुनवाई पिछले महीने तेहरान की रिवोल्यूशनरी कोर्ट में उनकी गैरमौजूदगी में पूरी की गई थी जिसकी पुष्टि खुद मोएरी ने सोशल मीडिया पर सजा की जानकारी साझा करके की है।

2022 के प्रदर्शनों के दौरान भी हुई थीं गिरफ्तार

याल्दा मोएरी लंबे समय से ईरान के सामाजिक और राजनीतिक हालात को अपनी तस्वीरों के जरिए दुनिया के सामने लाती रही हैं। महसा अमीनी की मौत के बाद साल 2022 में पूरे ईरान में हुए देशव्यापी प्रदर्शनों के दौरान भी उन्हें तेहरान से गिरफ्तार किया गया था और जेल भेजा गया था। इसके बाद इस साल मार्च महीने में उन्होंने देश के भीतर से ही एक अंतरराष्ट्रीय समाचार चैनल को इंटरव्यू दिया था। इस इंटरव्यू में उन्होंने ईरान के हालात, अमेरिकी और इजराइली हमलों के असर तथा देश में इंटरनेट पर लगी पाबंदियों के बीच काम कर रहे पत्रकारों के सामने आ रही मुश्किलों पर खुलकर बात की थी।

पत्रकारों और मीडिया संस्थानों पर बढ़ रहा है दबाव

मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि ईरान में लगातार पत्रकारों और मीडिया घरानों पर शिकंजा कसा जा रहा है। एक अमेरिकी मानवाधिकार संगठन और स्वतंत्र मानवाधिकार संगठन डिफेंडिंग फ्री फ्लो ऑफ इन्फॉर्मेशन ने अपनी हालिया रिपोर्ट में इस बात पर गहरी चिंता जताई है कि ईरान में प्रेस की स्वतंत्रता खतरे में है। रिपोर्ट के मुताबिक साल 2025 के दौरान कम से कम 225 पत्रकारों या मीडिया संस्थानों को न्यायिक और सुरक्षा संबंधी कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। इसके अलावा 25 पत्रकारों और मीडिया अधिकारियों को कुल मिलाकर 30 वर्ष से अधिक की जेल की सजा सुनाई गई है जबकि 8 मीडिया संस्थानों को पूरी तरह से निलंबित कर दिया गया है। हालांकि इन तमाम मामलों और आंकड़ों की किसी स्वतंत्र एजेंसी से आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है लेकिन देश के भीतर मीडिया पर लगातार बढ़ती पाबंदियां साफ तौर पर देखी जा सकती हैं।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin
Share:

Comments

Leave a comment