Strait of Hormuz में तनाव और बढ़ गया है क्योंकि ईरान ने यहाँ फिर से समुद्री माइन (mines) बिछा दिए हैं. Axios की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हरकत से दुनिया भर के तेल बाज़ार में हड़कंप मच गया है. अब कई बड़े तेल और गैस जहाज़ों को अपना रास्ता बदलकर अफ्रीका के रास्ते जाना पड़ रहा है, जिससे सामान की आवाजाही अब महंगी और मुश्किल हो गई है.

अमेरिका ने ईरान को रोकने के लिए क्या कड़े कदम उठाए हैं?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनी नेवी को आदेश दिया है कि अगर कोई भी ईरानी नाव माइन बिछाते हुए दिखे तो बिना किसी झिझक के उसे नष्ट कर दिया जाए. अमेरिकी सेना समुद्र के नीचे चलने वाले ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है ताकि बिछाई गई माइन्स को हटाया जा सके. इस इलाके में अब तीन अमेरिकी एयरक्राफ्ट करियर मौजूद हैं, जिनमें USS George H.W. Bush भी शामिल है. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वे जानते हैं कि कितनी माइन्स बिछाई गई हैं, लेकिन वे इस जानकारी को सार्वजनिक नहीं करेंगे.

आम आदमी और तेल की सप्लाई पर इसका क्या असर होगा?

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने चेतावनी दी है कि इस घटना से आधुनिक इतिहास में तेल की सप्लाई में सबसे बड़ी रुकावट आ सकती है. पहले जहाँ यहाँ से रोज़ाना 100 से ज़्यादा जहाज़ गुज़रते थे, अब उनकी संख्या बहुत कम हो गई है. इस खतरे से बचने के लिए सऊदी अरब ने एक नया लॉजिस्टिक रास्ता बनाने का ऐलान किया है. यह नया रास्ता न्यूम पोर्ट, लाल सागर और मिस्र से होकर यूरोप तक जाएगा ताकि सामान को Strait of Hormuz के जोखिम से दूर रखा जा सके.

क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और अन्य देशों का क्या कहना है?

यूरोपीय संघ के नेताओं ने साफ़ कर दिया है कि समुद्र में जहाजों के आने-जाने की आज़ादी पर कोई समझौता नहीं होगा. रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने पिछले एक हफ्ते में करीब 100 नई समुद्री माइन्स बिछाई हैं और अब वह यहाँ से गुज़रने वाले जहाजों से टैक्स वसूलने की बात भी कर रहा है. दूसरी ओर, अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की पूरी तरह से नाकाबंदी कर दी है और किसी भी जहाज़ को वहां जाने से रोका जा रहा है.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.