ईरान ने फिर बिछाए समुद्री बारूदी सुरंग, अमेरिका ने दिया ‘मारने’ का आदेश, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ा
मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। ईरान ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में और अधिक समुद्री बारूदी सुरंगें बिछा दी हैं। इस खबर के बाद अमेरिका ने बहुत सख्त रुख अपनाया है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुरंगें बिछाने वाली नावों को मारने का आदेश दिया है। इससे समुद्री व्यापार और जहाजों की सुरक्षा पर बड़ा असर पड़ सकता है।
ईरान ने क्यों बिछाईं बारूदी सुरंगें और क्या है खतरा?
Axios की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की IRGC ने इस हफ्ते हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में और माइन बिछाए हैं। पेंटागन ने एक गोपनीय ब्रीफिंग में बताया कि यहाँ 20 या उससे ज़्यादा बारूदी सुरंगें हो सकती हैं, जिनमें से कुछ GPS तकनीक से लैस हैं। पेंटागन ने यह भी कहा कि इन सुरंगों को पूरी तरह हटाने में छह महीने का समय लग सकता है। हालांकि, पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने बाद में इस समय सीमा को गलत बताया और कहा कि जलमार्ग का छह महीने तक बंद रहना नामुमकिन और अस्वीकार्य है।
अमेरिका और अरब देशों ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सेना को सख्त आदेश दिया है कि अगर कोई भी ईरानी नाव बारूदी सुरंगें बिछाते हुए पकड़ी जाती है, तो उसे तुरंत ‘शूट एंड किल’ कर दिया जाए। दूसरी तरफ, अरब देशों के विदेश मंत्रियों ने सामूहिक रूप से ईरान से मांग की है कि वह इस रुकावट और नुकसान के लिए मुआवजा दे। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी लागू कर रखी है, लेकिन उनका कहना है कि वे केवल ईरान आने-जाने वाले जहाजों को रोक रहे हैं, न कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार को।
जहाजों की सुरक्षा और ईरान का क्या स्टैंड है?
ईरान ने 22 अप्रैल को दो कंटेनर जहाजों को पकड़ा है, जिसका कारण उन्होंने समुद्री नियमों का उल्लंघन बताया है। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने साफ़ कर दिया है कि जब तक अमेरिका की नाकाबंदी खत्म नहीं होती, तब तक वे इस जलमार्ग को नहीं खोलेंगे। इससे खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और व्यापारियों के लिए चिंता बढ़ गई है क्योंकि यह रास्ता दुनिया के तेल व्यापार के लिए बहुत जरूरी है।