होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर बड़ी खबर आई है. ईरान ने ऐलान किया है कि उसके पोर्ट अब कमर्शियल जहाजों को सर्विस और सपोर्ट देंगे. लेकिन दूसरी तरफ अमेरिका ने अभी भी नाकेबंदी जारी रखी है, जिससे जहाजों की आवाजाही पर असर पड़ रहा है. इस पूरे मामले ने ग्लोबल शिपिंग और सुरक्षा को लेकर हलचल बढ़ा दी है.

ईरान के पोर्ट्स और नए नियमों में क्या बदलाव हुए?

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने बताया कि होर्मुज में जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि नए नियमों के आने के बाद अब कमर्शियल जहाजों को सहायता मिलेगी. इस सिस्टम के तहत जहाजों को ‘परशियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ से जुड़े ईमेल एड्रेस से परमिट लेना होगा. बिना इस ईमेल परमिट के जहाजों का गुजरना संभव नहीं होगा. ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद गालिबाफ ने कहा कि होर्मुज के लिए एक नया समीकरण तैयार किया जा रहा है.

अमेरिका का ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ और ट्रंप की चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को फिलहाल रोक दिया है. इस प्रोजेक्ट के जरिए अमेरिकी सेना कमर्शियल जहाजों को रास्ता दिखा रही थी. ट्रंप ने बताया कि ईरान के साथ शांति बातचीत में अच्छी प्रगति हुई है, इसलिए यह फैसला लिया गया. हालांकि, उन्होंने साफ कर दिया कि ईरान के पोर्ट्स की नाकेबंदी जारी रहेगी. साथ ही ट्रंप ने यह चेतावनी भी दी कि अगर ईरान समझौते की शर्तों को नहीं मानता, तो पहले से कहीं ज्यादा तीव्रता के साथ बमबारी दोबारा शुरू की जाएगी.

CENTCOM का अपडेट और शांति वार्ता की स्थिति

यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने जानकारी दी कि उनके युद्धपोत और विमान अभी भी नाकेबंदी को सख्ती से लागू कर रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार अब तक 52 कमर्शियल जहाजों को वापस लौटने या पोर्ट से दूर रहने का निर्देश दिया गया है. वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की और राष्ट्रीय संप्रभुता पर चर्चा की. ईरान फिलहाल पाकिस्तान के जरिए अमेरिका द्वारा दिए गए शांति प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है और जल्द ही अपना जवाब देगा.

Frequently Asked Questions (FAQs)

होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के लिए क्या नया नियम आया है?

ईरान ने एक नया ईमेल परमिट सिस्टम शुरू किया है. अब जहाजों को ‘परशियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ से ईमेल के जरिए ट्रांजिट परमिट लेना होगा तभी वे वहां से गुजर पाएंगे.

अमेरिका ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को क्यों रोका है?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शांति वार्ताओं में हुई प्रगति का हवाला देते हुए इस सैन्य ऑपरेशन को कुछ समय के लिए रोका है, हालांकि ईरान के पोर्ट्स की नाकेबंदी अभी भी लागू है.