ईरान के शिक्षा मंत्रालय ने 16 जुलाई 2026 को एक बड़ा फैसला लेते हुए देश के दक्षिणी प्रांतों में हाई स्कूल की अंतिम परीक्षाओं को टाल दिया है। यह निर्णय होरमोज़गन, बुशहर, खुज़ेस्तान और सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांतों के उन छात्रों के लिए लिया गया है जो अपनी स्कूली शिक्षा पूरी कर रहे हैं। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, अमेरिका की तरफ से हो रहे हमलों और बढ़ते तनाव के कारण 16 जुलाई और 18 जुलाई को होने वाली परीक्षाएं फिलहाल नहीं ली जाएंगी।
तनाव के कारण परीक्षाओं पर असर
ईरान के बाकी प्रांतों में परीक्षाएं पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार ही चल रही हैं, लेकिन दक्षिण के इलाकों में हालात गंभीर बने हुए हैं। अमेरिकी सेना (CENTCOM) द्वारा लगातार किए जा रहे हमलों के कारण अहवाज़, बंदर अब्बास और ग्रेटर टुनब द्वीप जैसे इलाकों में बड़े धमाके हुए हैं। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में 35 से अधिक लोगों की मौत हुई है और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिका से जुड़े सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।
क्या और भी परीक्षाएं टल सकती हैं
ईरान के खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता, ब्रिगेडियर जनरल इब्राहिम ज़ोल्फ़ाघरी ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमला जारी रखा, तो इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। वहीं, शिक्षा और प्रशिक्षण आयोग के सदस्य रमजान रहीमी ने संकेत दिया है कि अगर संघर्ष इसी तरह जारी रहा, तो देश की यूनिवर्सिटी प्रवेश परीक्षा को भी आगे बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा, शिक्षा मंत्री काज़ेमी पर भी दबाव बढ़ रहा है, क्योंकि संसद सदस्य एहसान अज़ीमी राद ने सभी प्रांतों में परीक्षाएं टालने या उन्हें ऑनलाइन करने की मांग की है, अन्यथा मंत्री के खिलाफ महाभियोग चलाने की धमकी दी है।
