ईरान में बिजली की भारी किल्लत हो गई है जिससे करीब 1 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं। न्यू यॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक देश के कई हिस्सों में बिजली गुल है। यह संकट अमेरिका और इसराइल द्वारा किए गए हवाई हमलों के बाद पैदा हुआ है जिससे आम जनता की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

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बिजली संकट का मुख्य कारण और असर क्या है?

मार्च के आखिर और अप्रैल 2026 की शुरुआत में ईरान के बिजली ढांचे पर हमले हुए। 30 मार्च को तेहरान और अल्बोर्ज़ जैसे शहरों में बिजली चली गई थी। वहीं 7 अप्रैल को खार्ग आइलैंड पर अमेरिकी हमलों के बाद बिजली काट दी गई। इस वजह से करोड़ों लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

अमेरिका की धमकी और ईरान की प्रतिक्रिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर समझौता नहीं हुआ तो ईरान के पावर प्लांट और पुलों को निशाना बनाया जाएगा। इस धमकी के बाद ईरान के लोगों ने अपनी सरकार का साथ दिया। 7 और 8 अप्रैल को हज़ारों नागरिकों ने पावर प्लांट के चारों ओर मानव श्रृंखला बनाई ताकि हमलों को रोका जा सके।

इंटरनेट ब्लैकआउट से बढ़ी मुसीबतें

बिजली के साथ-साथ ईरान में इंटरनेट की भी भारी समस्या रही है। NetBlocks की रिपोर्ट के अनुसार ईरान में अब तक का सबसे लंबा इंटरनेट ब्लैकआउट देखा गया। पिछले 44 दिनों से इंटरनेट बंद है और ट्रैफिक सामान्य स्तर के मात्र 1 प्रतिशत तक गिर गया है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.