अमेरिका और इसराइल के हमलों के बाद ईरान में बिजली संकट काफी बढ़ गया है। ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रज़ा आरिफ ने बताया है कि सरकार देश में बिजली कटौती को रोकने के लिए लगातार नए रास्ते तलाश रही है। इन हमलों के कारण देश के कई पावर प्लांट बंद हो गए हैं या फिर पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रहे हैं, जिससे औद्योगिक उत्पादन पर सीधा असर पड़ रहा है। सरकार ने नागरिकों से ऊर्जा का सही और सीमित इस्तेमाल करने की अपील की है ताकि ग्रिड पर दबाव कम किया जा सके।

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हमलों से बिजली ग्रिड को कितना नुकसान हुआ है?

ईरान के ऊर्जा क्षेत्र को हाल के हमलों में भारी नुकसान उठाना पड़ा है। सरकारी अधिकारियों द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार नुकसान की स्थिति इस प्रकार है:

  • भारी आर्थिक नुकसान: उप ऊर्जा मंत्री मुस्तफा रजाबी मशहदी के अनुसार, देश के ऊर्जा क्षेत्र को 250 ट्रिलियन रियाल यानी लगभग 191 मिलियन डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ है।
  • हमलों की संख्या: 28 फरवरी 2026 से अब तक बिजली क्षेत्र में लगभग 1,900 घटनाएं दर्ज की गई हैं।
  • सीमित कटौती: इस भारी नुकसान के बावजूद बिजली विभाग के कर्मचारियों ने स्थिति को संभाला और तेहरान प्रांत में बिजली कटौती को एक घंटे से कम समय तक सीमित रखने में सफलता पाई।

बिजली संकट से निपटने के लिए ईरान सरकार के कदम

ईरान सरकार बिजली ग्रिड को चालू रखने और संकट से निपटने के लिए कई तरह के उपाय कर रही है। प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रज़ा आरिफ ने स्पष्ट किया है कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को बनाए रखने के लिए हर स्तर पर तैयार है।

  • ईंधन बचाने की अपील: ईरान के तेल मंत्री ने नागरिकों से ईंधन की खपत को कम करने की अपील की है ताकि ऊर्जा ग्रिड को स्थिर रखा जा सके।
  • ब्लैकआउट की कम संभावना: संसद की ऊर्जा समिति के सदस्य रज़ा सिपहवंद ने जनता को भरोसा दिया है कि देश में बड़े पैमाने पर ब्लैकआउट होने की संभावना बहुत कम है क्योंकि ईरान के पास बिजली पैदा करने के कई अलग-अलग स्रोत हैं।
  • जवाबी कार्रवाई की चेतावनी: इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान के बुनियादी ढांचे पर और हमले हुए तो वे क्षेत्रीय ऊर्जा ग्रिड पर जवाबी हमले करेंगे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या ईरान में पूरी तरह से ब्लैकआउट होने का खतरा है?

ईरानी संसद की ऊर्जा समिति के सदस्य रज़ा सिपहवंद के अनुसार, देश का राष्ट्रीय ग्रिड मजबूत है और ऊर्जा के विविध स्रोत होने के कारण बड़े पैमाने पर ब्लैकआउट होने की संभावना बेहद कम है।

हमलों के कारण ईरान के बिजली क्षेत्र को कितना नुकसान हुआ है?

ईरान के बिजली बुनियादी ढांचे को लगभग 250 ट्रिलियन रियाल यानी 191 मिलियन डॉलर का नुकसान पहुंचा है और बिजली क्षेत्र में करीब 1,900 घटनाएं दर्ज की गई हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com