ईरान के ऊर्जा मंत्रालय ने 17 जुलाई 2026 को देश के नागरिकों से बिजली कम इस्तेमाल करने की अपील की है। दक्षिणी प्रांतों में स्थिति ज्यादा खराब है क्योंकि अमेरिकी हमलों ने वहां के ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाया है। भीषण गर्मी के बीच बिजली सप्लाई को स्थिर रखने के लिए सरकार ने लोगों को सलाह दी है कि वे दिन में कम से कम एक घंटा अपने एयर कंडीशनर बंद रखें। यह पहली बार है जब ईरान ने आधिकारिक तौर पर यह स्वीकार किया है कि अमेरिकी हवाई हमलों से उसके बिजली के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव
अमेरिकी हमले 16 और 17 जुलाई को लगातार छठे दिन जारी रहे। इन हमलों में ईरान के सैन्य ठिकानों के साथ-साथ चाबहार पोर्ट पर एक टावर भी गिर गया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने चाबहार में हुए नुकसान की तस्वीरें साझा करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नियंत्रण का दावा किया है। अब तक ये हमले तेहरान के आसपास, बंदर अब्बास और केशम द्वीप तक फैल चुके हैं।
मिसाइल और ड्रोन हमलों का असर
ईरान ने जवाबी कार्रवाई में कतर, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन जैसे देशों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। कुवैत के बिजली और जल मंत्रालय ने पुष्टि की है कि वहां एक पावर और पानी के प्लांट पर हमला हुआ है जिससे काफी नुकसान पहुंचा है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, 17 जुलाई तक अमेरिकी हमलों में कम से कम 38 नागरिकों की मौत हो गई है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा ईरान के बुशेर स्थित परमाणु संयंत्र के पास भी दो धमाकों की सूचना मिली है।
