Iran Crisis: ईरान के राष्ट्रपति ने माना देश में गंभीर आर्थिक संकट, अमेरिका के कड़े प्रतिबंधों से बढ़ी मुश्किलें

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि देश के आम नागरिक कड़े अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से भारी परेशानियों और गंभीर जीवन संकट का सामना कर रहे हैं। रविवार, 23 अगस्त 2026 को दिए गए अपने बयान में उन्होंने मौजूदा हालात को एक पूर्ण आर्थिक, सैन्य और सुरक्षा युद्ध करार दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के प्रशासन ने हाल ही में ईरानी शासन के पतन को अपना मुख्य लक्ष्य बनाया है, जिसके बाद से तनाव और अधिक बढ़ गया है। ईरान की इस स्थिति का असर वहां के आम जनजीवन पर साफ तौर पर देखा जा सकता है, जहां रोजमर्रा की चीजें खरीदना भी मुश्किल होता जा रहा है।
ईरान में महंगाई और मुद्रा का हाल
ईरान में आर्थिक दबाव अपनी चरम सीमा पर पहुंच चुका है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, ईरान की मुद्रा रियाद और टोमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। 23 अगस्त 2026 को ईरानी टोमान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर 198,200 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। ईरान के सांख्यिकी केंद्र के अनुसार, 18 अगस्त तक देश की वार्षिक मुद्रास्फीति दर 66 प्रतिशत दर्ज की गई थी। आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि एक कामकाजी परिवार के लिए मासिक खर्च का बजट 90 मिलियन टोमान यानी लगभग 1,385 अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। वहीं दूसरी तरफ, न्यूनतम वेतन पाने वाले एक श्रमिक को महीने में लगभग 25 मिलियन टोमान यानी करीब 385 अमेरिकी डॉलर ही मिल पाते हैं, जो कि घर के बुनियादी खर्चों का केवल एक चौथाई हिस्सा ही पूरा करने के लिए काफी हैं।
अमेरिका के नए प्रतिबंध और ईरान की प्रतिक्रिया
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent सोमवार, 24 अगस्त 2026 को इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंधों की एक नई श्रृंखला की घोषणा करने वाले हैं। इन बढ़ते तनावों के बीच, ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख Mohsen Rezai ने शनिवार, 22 अगस्त को कड़ी चेतावनी दी थी कि जो भी देश इस आर्थिक युद्ध में शामिल होगा, उसे ईरान का दुश्मन माना जाएगा। उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि जब तक अमेरिका अपना रवैया नहीं बदलता और अपने वादों को पूरा नहीं करता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz बंद रहेगा। उन्होंने धमकी दी कि यदि प्रतिबंध जारी रहे तो ईरान क्षेत्र में अमेरिकी तेल और आर्थिक हितों को निशाना बना सकता है।
विदेश मंत्रालय का कड़ा रुख
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने इन नए अमेरिकी प्रतिबंधों की कड़ी निंदा करते हुए इसे पूर्ण पैमाने पर क्लासिक उपनिवेशवाद की वापसी और क्षेत्रीय संप्रभुता का अवैध उल्लंघन बताया है। राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता से जून महीने में अमेरिका के साथ हुए एक समझौता ज्ञापन का बचाव किया। उन्होंने कहा कि उस समझौते में किसी भी तरह का कोई आत्मसमर्पण नहीं था और वह पूरी तरह से देश के राष्ट्रीय हित पर आधारित था। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि उनकी सरकार देश से बेरोजगारी और महंगाई को खत्म करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और वे इस संघर्ष का समाधान अपनी मजबूत स्थिति से चाहते हैं।