मिडल ईस्ट में बढ़ती लड़ाई के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पड़ोसी देशों पर हुए सैन्य हमलों के लिए अफ़सोस जताया और माफ़ी मांगी है। उन्होंने साफ़ किया कि अब इन देशों को निशाना नहीं बनाया जाएगा, बशर्ते वहां से ईरान पर हमला न हो।

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पड़ोसी देशों और सऊदी अरब का रुख

राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने बताया कि पिछले कुछ हमलों की वजह ईरान के अंदरूनी सिस्टम में बातचीत की कमी और गलतफहमी थी। इस बीच सऊदी अरब ने ईरान को चेतावनी दी है कि वह गलत अंदाज़ा न लगाए। सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने पहले ही भरोसा दिलाया था कि सऊदी अरब की ज़मीन का इस्तेमाल तेहरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए नहीं होगा।

अमेरिका और इसराइल के साथ तनाव

क्षेत्र में अमेरिका और इसराइल के साथ ईरान की लड़ाई आठवें दिन भी जारी रही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि 14 जून को एक शांति समझौता साइन होगा जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) फिर से खुलेगा। हालांकि ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाएई ने साफ़ किया कि यह कोई फाइनल डील नहीं है, बल्कि सिर्फ बातचीत के लिए एक ढांचा होगा।

पिछले 24 घंटों के बड़े घटनाक्रम

  • नागरिकों की मौत: ईरान के UN राजदूत ने बताया कि अमेरिका और इसराइल के हवाई हमलों में 1,332 आम नागरिक मारे गए हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
  • तेहरान पर हमला: 14 जून की सुबह तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर आग लगने की खबरें आईं, जिसे इसराइल के हमलों से जोड़कर देखा जा रहा है।
  • साइबर हमला: ईरान के चार बड़े बैंकों पर साइबर हमला हुआ जिससे बैंकिंग सेवाएं ठप हो गईं, हालांकि ग्राहकों का डेटा सुरक्षित बताया गया है।
  • रूस और फ्रांस की प्रतिक्रिया: रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने बातचीत से मामला सुलझाने की सलाह दी है, वहीं फ्रांस ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है।
  • हिजबुल्ला की कार्रवाई: ईरान के साथी संगठन हिजबुल्ला के ड्रोन ने उत्तरी इसराइल पर हमला किया, लेकिन इसमें कोई हताहत नहीं हुआ।