ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने मिडिल ईस्ट में बढ़ रहे तनाव और असुरक्षा के लिए सीधे तौर पर इसराइल को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि इसराइल की आक्रामक नीतियों की वजह से ही पूरे क्षेत्र में अस्थिरता पैदा हुई है। यह बयान उस समय आया है जब तेहरान और इसराइल के बीच राजनीतिक टकराव और सुरक्षा को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है।

राष्ट्रपति Pezeshkian ने कई मौकों पर अपनी बात रखी है। मार्च 2026 में फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron से बातचीत के दौरान उन्होंने अमेरिका और इसराइली शासन के कदमों को क्षेत्र में अस्थिरता की मुख्य जड़ बताया था। उन्होंने अबू मूसा और खर्क द्वीपों पर हुए हमलों के साथ-साथ गाज़ा और लेबनान में हो रहे नरसंहार की कड़ी निंदा की। उनका आरोप था कि अमेरिका की मदद से इसराइल ईरान के खिलाफ युद्ध थोपना चाहता है।

क्षेत्रीय सुरक्षा और विवादों पर बयान

अप्रैल 2026 में राष्ट्रपति ने Strait of Hormuz यानी हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में असुरक्षा के लिए भी अमेरिका और इसराइल को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि यह इलाका ईरान के प्रतिरोध का प्रतीक है और यहाँ किसी भी तरह की अस्थिरता की जिम्मेदारी बाहरी ताकतों की है। इससे पहले जनवरी 2026 में उन्होंने आरोप लगाया था कि जून 2025 में हुए ईरान-इसराइल युद्ध के बाद अमेरिका और इसराइल देश के अंदर दंगाइयों को उकसा रहे हैं ताकि ईरान को अस्थिर किया जा सके।

अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर उठाए मुद्दे

सितंबर 2024 में UN General Assembly के दौरान CNN और Al Jazeera को दिए इंटरव्यू में Pezeshkian ने कहा कि इसराइल द्वारा लोगों की हत्या और अमेरिका का समर्थन ही पश्चिम एशिया में अस्थिरता का कारण है। उन्होंने गाज़ा में हो रहे घटनाक्रम को genocide बताया और पश्चिमी देशों की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने यह भी कहा कि हमास नेता Ismail Haniyeh की हत्या का जवाब ईरान सही समय पर देगा।

इस्तीफे की खबरों का खंडन

हाल ही में 31 मई 2026 को ऐसी खबरें आई थीं कि राष्ट्रपति Pezeshkian ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, क्योंकि प्रशासन पर IRGC कमांडरों का कब्जा हो गया है। हालांकि, राष्ट्रपति कार्यालय और Tasnim News Agency ने इन खबरों को पूरी तरह गलत बताया। आधिकारिक तौर पर यह साफ किया गया कि वह अपने पद पर बने हुए हैं और जुलाई 2024 से ईरान के नौवें राष्ट्रपति के तौर पर काम कर रहे हैं।