ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशक्यान ने यूरोपीय संघ के सामने युद्ध खत्म करने के लिए अपनी शर्तें रखी हैं। उन्होंने यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा से फोन पर बात करते हुए कहा कि अगर अमेरिका और इजरायल की तरफ से भविष्य में होने वाले हमलों के खिलाफ उन्हें ‘मजबूत गारंटी’ दी जाती है, तो वे जंग रोकने के लिए तैयार हैं। यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था और अब ईरान अंतरराष्ट्रीय कानून की बहाली की मांग कर रहा है।

ईरान के राष्ट्रपति ने बातचीत में कौन सी बड़ी बातें कही हैं?

राष्ट्रपति मसूद पेजेशक्यान ने यूरोपीय संघ को बताया कि ईरान ने कभी भी क्षेत्र में तनाव या युद्ध नहीं चाहा है। उन्होंने कहा कि स्थिति को सामान्य बनाने के लिए हमलों का रुकना जरूरी है। राष्ट्रपति ने बातचीत के दौरान कुछ मुख्य बिंदु रखे हैं:

  • उन्होंने अमेरिकी ठिकानों पर हुए हमलों का बचाव किया और कहा कि पड़ोसी देश अपनी जमीन से ईरान पर होने वाले हमलों को रोकने में नाकाम रहे।
  • ईरान ने आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान भी उन पर दो बार हमला किया गया, जिससे अमेरिका की मंशा पर शक होता है।
  • राष्ट्रपति ने यूरोपीय संघ की आलोचना की कि उन्होंने अमेरिका और इजरायल के हमलों की निंदा नहीं की।
  • उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस युद्ध में कोई भी बाहरी ताकत दखल देती है, तो इसके गंभीर नतीजे भुगतने होंगे।

अमेरिका, इजरायल और बड़ी कंपनियों को लेकर क्या अपडेट है?

इस पूरे मामले पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान में चल रहा अभियान अब अपने अंत की ओर है, लेकिन उन्होंने वापसी की कोई तय तारीख नहीं बताई है। वहीं, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सैन्य कार्रवाई जारी रखने का संकल्प लिया है।

संस्था/व्यक्ति मुख्य बयान और अपडेट
डोनाल्ड ट्रंप (US) मिशन खत्म हो रहा है और हम अच्छा काम कर रहे हैं। इजरायल ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रहेगा।
IRGC (ईरान) 1 अप्रैल से गूगल, ऐपल और मेटा जैसी कंपनियों को निशाना बनाने की धमकी।
अब्बास अरागची (ईरान) अमेरिका के साथ भरोसे का स्तर शून्य है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुश्मनों के लिए बंद रहेगा।
एंटोनियो कोस्टा (EU) ईरान से हमलों को कम करने और कूटनीतिक रास्ता अपनाने की अपील की।
पेंटागन (US) अगले कुछ दिन बहुत महत्वपूर्ण होंगे और जमीन पर सेना उतारने से इनकार नहीं किया।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने स्पष्ट किया है कि वे किसी भी जमीनी हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस बीच, खाड़ी क्षेत्र के देश कतर ने ईरान के हमलों पर चिंता जताई है, जबकि चीन और पाकिस्तान ने तुरंत शांति वार्ता शुरू करने की अपील की है।