ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने मुस्लिम और पड़ोसी देशों के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने का बड़ा संकल्प लिया है। सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए (IRNA) के अनुसार, राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया है कि ईरान सभी क्षेत्रों में मुस्लिम देशों के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संबंधों में कूटनीति और शांतिपूर्ण तरीकों से मुद्दों को सुलझाने की प्रतिबद्धता जताई है।
राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने किन देशों से की बातचीत?
राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने मलेशिया और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों के साथ महत्वपूर्ण बातचीत की है। उन्होंने मानवीय रुख के लिए मलेशिया का आभार जताया, जबकि ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु मुद्दे सहित अन्य मामलों में मध्यस्थता के प्रयासों के लिए पाकिस्तान की तारीफ की। इसके अलावा, हाल ही में उन्होंने इराक, ओमान, कतर, तुर्की, ताजिकिस्तान, मिस्र, किर्गिस्तान और अजरबैजान के नेताओं से फोन पर बात की और आपसी एकजुटता पर जोर दिया।
बाहरी खतरों के खिलाफ मुस्लिम देशों की एकजुटता पर जोर
राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने जोर देकर कहा कि मुस्लिम देशों को बाहरी खतरों का सामना करने के लिए एक-दूसरे का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस्लामी देशों के बीच एकता बढ़ेगी जिससे क्षेत्रीय हितों की रक्षा की जा सकेगी। उन्होंने क्षेत्र में जारी तनाव के लिए अमेरिका और इसराइल की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि इस्लामी एकता के बल पर जल्द ही क्षेत्रीय संबंधों में एक नया अध्याय शुरू होगा। ईरान की विदेश नीति की प्राथमिकता अपने पड़ोसी और खाड़ी देशों के साथ मिलकर काम करने की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने अपनी विदेश नीति को लेकर क्या घोषणा की है?
राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने घोषणा की है कि ईरान की नीति सभी क्षेत्रों में मुस्लिम और पड़ोसी देशों के साथ सहयोग बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांतिपूर्ण कूटनीति का पालन करने की है।
राष्ट्रपति ने पाकिस्तान और मलेशिया के साथ बातचीत में क्या कहा?
उन्होंने मानवीय रुख के लिए मलेशिया की सराहना की और अमेरिका के साथ परमाणु मुद्दों की मध्यस्थता में पाकिस्तान के प्रयासों की तारीफ की।