ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी में नया मोड़ आया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका की उन शर्तों को मानने से मना कर दिया है जिसमें बिना शर्त सरेंडर की बात कही गई थी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि ईरान अपनी संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं करेगा और दबाव में आकर कोई फैसला नहीं लिया जाएगा। मिडल ईस्ट में बढ़ते तनाव को देखते हुए ईरान का यह बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ईरान का नया शांति प्रस्ताव और अमेरिका की प्रतिक्रिया

ईरान ने तनाव कम करने के लिए 3 मई 2026 को अमेरिका को एक नया प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव में एक चरणबद्ध योजना बनाई गई है ताकि मौजूदा विवादों को सुलझाया जा सके। ईरान ने संकेत दिया है कि यदि अमेरिका उसकी तेल निर्यात वाली पाबंदियों में ढील देता है और सैन्य मौजूदगी कम करता है, तो वह भी होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव कम करने को तैयार है।

तारीख घटनाक्रम
30 अप्रैल 2026 राष्ट्रपति पेजेशकियन ने अमेरिका से अपनी नीतियों में बदलाव करने को कहा।
3 मई 2026 ईरान ने शांति वार्ता के लिए नया प्रस्ताव भेजा।
4 मई 2026 ट्रंप ने कहा कि वे ईरान के प्रस्तावों की समीक्षा कर रहे हैं।

ईरानी नेताओं की सख्त चेतावनी और कूटनीतिक कोशिशें

ईरान के वरिष्ठ नेता सैयद मेहदी तबाताबाई और मुख्य न्यायाधीश गुलाम हुसैन मोहसेनी एजई ने भी अमेरिका को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। नेताओं का कहना है कि ईरान किसी भी बाहरी दबाव को स्वीकार नहीं करेगा और अगर उन पर बल प्रयोग किया गया तो इसका करारा जवाब दिया जाएगा। ईरान का मानना है कि अमेरिका को अपनी आक्रामक नीतियों से पीछे हटना चाहिए क्योंकि बातचीत केवल तर्क और बराबरी के आधार पर ही संभव है।

इस पूरे मामले में जापान की प्रधानमंत्री सनई ताकाइची और पाकिस्तान भी मध्यस्थता की कोशिशों में शामिल हैं। जापान ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर ईरान से फोन पर बात की है, जबकि पाकिस्तान दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष रूप से संदेश पहुंचाने का काम कर रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने अमेरिका के सामने क्या मांग रखी है?

ईरान चाहता है कि अमेरिका उसके तेल निर्यात पर लगी आर्थिक पाबंदियां हटाए और नागरिक परमाणु तकनीक के उसके अधिकार को औपचारिक रूप से मान्यता दे।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का इस पर क्या कहना है?

ट्रंप ने ईरानी प्रस्ताव पर असंतोष जताया है और कहा है कि वे बिना ठोस परमाणु गारंटी के कोई भी समझौता स्वीकार नहीं करेंगे।

क्या होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव कम होगा?

ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिका अपनी सैन्य उपस्थिति कम करता है और दबाव हटाता है, तो वह जलडमरूमध्य के पास तनाव कम करने के लिए तैयार है।