ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने एक बहुत ज़रूरी बात कही है. उन्होंने साफ़ किया कि ईरानी मीडिया में जो खबरें आती हैं, वे ज़रूरी नहीं कि देश के सुप्रीम लीडर के विचार हों. यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान के अंदरूनी हालात और अमेरिका के साथ बातचीत को लेकर काफी चर्चा चल रही है.
Saudi News की एक रिपोर्ट के मुताबिक 14 जून 2026 को राष्ट्रपति ने यह बात कही. उन्होंने साफ़ किया कि मीडिया की रिपोर्टिंग और लीडर की सोच में फ़र्क हो सकता है. राष्ट्रपति का यह बयान देश में एकता बनाए रखने और सुप्रीम लीडर के निर्देशों का पालन करने के मकसद से दिया गया है.
ईरान में नेतृत्व का बदलाव और विवाद
दरअसल, ईरान में अभी नेतृत्व के बदलाव का समय चल रहा है. फरवरी 2026 में Ayatollah Ali Khamenei की मौत के बाद अब Ayatollah Seyyed Mojtaba Khamenei सुप्रीम लीडर बन चुके हैं. इस बदलाव के बीच अलग-अलग गुट अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं.
राष्ट्रपति Pezeshkian ने पहले भी 24 मई 2026 को ज़ोर देकर कहा था कि ईरान में कोई भी फ़ैसला सुप्रीम लीडर की मंज़ूरी के बिना नहीं लिया जाता. उन्होंने 30 मई को सरकारी मीडिया की आलोचना भी की थी क्योंकि मीडिया ने शांति और बातचीत वाली नीतियों को सही तरीके से लोगों तक नहीं पहुँचाया था.
अमेरिका के साथ बातचीत और मीडिया की भूमिका
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने भी 12 जून 2026 को मीडिया आउटलेट्स से अपील की थी. उन्होंने कहा था कि मीडिया अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले समझौते (MoU) को लेकर अंदाज़े लगाना बंद करे. सरकार चाहती है कि बिना पुष्टि के कोई भी खबर बाहर न जाए.
- अंदरूनी मतभेद: अमेरिका के साथ बातचीत में कितनी छूट देनी है, इस पर ईरान के बड़े नेताओं के बीच आपसी सहमति नहीं बन पा रही है.
- विरोधाभासी खबरें: अमेरिका और ईरान दोनों तरफ से समझौते के विवरण को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं.
- मीडिया पर दबाव: सरकार ने चेतावनी दी है कि ऐसा कोई प्रोपेगेंडा न चलाया जाए जिससे बातचीत में बाधा आए.