ईरान का अमेरिका को कड़ा जवाब, राष्ट्रपति पेज़ेशकियन बोले हम दबाव में नहीं आएंगे, बातचीत के लिए भरोसा जरूरी
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने अमेरिका की नीतियों पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने साफ़ कहा है कि ईरान किसी भी दबाव या ताकत के आगे नहीं झुकेगा। राष्ट्रपति के मुताबिक, अगर देशों के बीच कोई सार्थक बातचीत होनी है, तो उसके लिए पुराने वादों और प्रतिबद्धताओं को पूरा करना सबसे जरूरी है।
ईरान और अमेरिका के बीच विवाद की मुख्य वजह क्या है?
ईरान का कहना है कि अमेरिकी अधिकारी विरोधाभासी संकेत दे रहे हैं और वे चाहते हैं कि ईरान उनके सामने आत्मसमर्पण कर दे। राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने कहा कि अमेरिका के साथ उनका पुराना भरोसा टूट चुका है। साथ ही, अमेरिका द्वारा लगाई गई नेवल ब्लॉकेड यानी समुद्री नाकाबंदी को ईरान ने युद्धविराम समझौते का उल्लंघन बताया है। ईरान का मानना है कि अमेरिका की ऐसी हरकतों से बातचीत की राह मुश्किल हो गई है।
इस्लामाबाद में बातचीत और दुनिया का रुख क्या है?
फिलहाल पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता करवाने की कोशिश कर रहा है, जिसके लिए इस्लामाबाद में बातचीत चल रही है। चीन ने भी Strait of Hormuz में अमेरिका की हरकतों पर अपनी चिंता जताई है। वहीं, IAEA के प्रमुख Rafael Grossi परमाणु समझौतों पर काम कर रहे हैं। हालांकि, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और नेवल ब्लॉकेड जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच अब भी गहरी असहमति बनी हुई है।
तनाव से जुड़ी मुख्य जानकारियां
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| मुख्य बयान | राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian |
| आधिकारिक एजेंसी | IRNA News Agency |
| मध्यस्थ देश | पाकिस्तान |
| चिंता जताने वाला देश | चीन |
| प्रमुख विवाद | नेवल ब्लॉकेड और परमाणु कार्यक्रम |
| विवादित क्षेत्र | Strait of Hormuz |
| ईरान का रुख | दबाव और ताकत के आगे नहीं झुकेंगे |