ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian जल्द ही पाकिस्तान का दौरा करेंगे। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif द्वारा दिए गए न्योते को स्वीकार कर लिया है। यह खबर 19 जून 2026 को सामने आई है, जो दोनों देशों के रिश्तों के लिए काफी अहम मानी जा रही है।

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दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत

यह फैसला 18 जून 2026 को प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और राष्ट्रपति Pezeshkian के बीच हुई फोन कॉल के बाद लिया गया। इस बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि वे जल्द से जल्द एक-दूसरे के देशों का दौरा करेंगे ताकि आपसी रिश्तों को और मजबूत किया जा सके।

शांति समझौते में पाकिस्तान की भूमिका

इस फोन कॉल की खास बात यह थी कि यह अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते के बाद दोनों नेताओं के बीच पहली सीधी बातचीत थी। इस समझौते को करवाने में पाकिस्तान ने मध्यस्थ (mediator) की अहम भूमिका निभाई थी।

प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने इस ऐतिहासिक शांति समझौते के लिए राष्ट्रपति Pezeshkian को बधाई दी। उन्होंने भरोसा जताया कि इस कदम से पूरे क्षेत्र में स्थिरता आएगी और ईरान के पुनर्निर्माण के प्रयासों को मदद मिलेगी।

सेना प्रमुख का जताया आभार

राष्ट्रपति Pezeshkian ने इस पूरी प्रक्रिया में मदद के लिए पाकिस्तान सरकार और वहां के आर्मी चीफ Field Marshal Syed Asim Munir का शुक्रिया अदा किया। दोनों नेताओं ने कहा कि इस समझौते ने उनके द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय शुरू किया है और वे राजनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार हैं।

इलेक्ट्रॉनिक तरीके से हुआ समझौता

जानकारी के मुताबिक, अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने 18 जून 2026 को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से इस शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। शुरुआत में इस समझौते के लिए 19 जून को स्विट्जरलैंड में एक फिजिकल प्रोग्राम रखा गया था, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक साइन होने के बाद इसे रद्द कर दिया गया क्योंकि समझौता पहले ही लागू हो चुका था।