ईरान के राष्ट्रपति का बड़ा बयान, कहा- हमने युद्ध शुरू नहीं किया बल्कि हमले का दिया जवाब
ईरान के राष्ट्रपति Massoud Pezeshkian ने 1 अप्रैल 2026 को अपनी सरकार का पक्ष साफ़ करते हुए कहा है कि ईरान ने किसी युद्ध की शुरुआत नहीं की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान ने केवल उन ताकतों को जवाब दिया है जिन्होंने उन पर हमला किया था। राष्ट्रपति ने अमेरिकी जनता को संबोधित करते हुए कहा कि उनके मन में वहां के नागरिकों के लिए कोई नफ़रत नहीं है और वे अपनी रक्षा के अधिकार का उपयोग कर रहे हैं।
ईरान और अमेरिका के बीच मौजूदा स्थिति क्या है?
- ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने Donald Trump के उन दावों को झूठा बताया है जिनमें युद्धविराम की बात कही गई थी।
- विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने साफ़ कर दिया है कि अमेरिका के साथ सीधे या अप्रत्यक्ष तौर पर कोई बातचीत नहीं हो रही है।
- ईरान के राष्ट्रपति कार्यालय ने दोहराया है कि वे अपनी ज़मीन की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं और युद्धविराम से जुड़ी अफवाहों को खारिज किया है।
- वहीं दूसरी ओर अमेरिका ने सुरक्षा के लिहाज़ से अपने हज़ारों सैनिक और विमानवाहक पोत USS George H.W. Bush मिडिल ईस्ट में तैनात कर दिए हैं।
क्षेत्रीय सुरक्षा और आम लोगों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का सीधा असर वहां रहने वाले विदेशी कामगारों और प्रवासियों पर पड़ सकता है। 1 अप्रैल को कुवैत के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले की खबर आई जिससे वहां ईंधन टैंकों में आग लग गई। सऊदी अरब, जॉर्डन और कतर के नेताओं ने भी चिंता जताई है कि ये हमले पूरे क्षेत्र की शांति को खतरे में डाल रहे हैं। खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों के लिए हवाई यात्रा और सुरक्षा नियमों में बदलाव हो सकते हैं। इसके अलावा IRGC ने बड़ी अमेरिकी टेक कंपनियों जैसे Apple और Google को भी निशाना बनाने की धमकी दी है जिससे डिजिटल सेवाओं में रुकावट आने की आशंका बनी हुई है।




